व्यक्ति नहीं विचार थे आचार्यश्री तुलसी

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व्यक्ति नहीं विचार थे आचार्यश्री तुलसी

दक्षिण दिल्ली
कैलाश कॉलोनी दक्षिण दिल्ली श्रीमान हीरालालजी गैलड़ा नम्बर ९ में आचार्यश्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री डॉक्टर कुंदनरेखा जी के सानिध्य में आचार्य श्री तुलसी का 27वां महाप्रयाण दिवस भक्ति संध्या के रूप में उत्साहवर्धक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर साध्वीश्री कुंदनरेखाजी ने कहा बीसवीं सदी के महापुरुष, तेरापंथ धर्मसंघ के नौवें अधिशास्ता गुरुदेवश्री तुलसी प्रकाश पुरुष बन कर इस धरा पर अवतरित हुए। विकास पुरुष बन कर उन्होंने अनेक अवदानो को दुनिया के लिए समर्पित किए थे। अद्भुत जीवन विज्ञान और प्रेक्षाध्यान जैसे महान अवदान से प्रकाश स्तंभ की तरह मानव जाति को मार्ग दिखा रहे हैं, जो हमारी गति, प्रतिष्ठा बन हमें जीना सिखाते हैं।
साध्वीश्री सौभाग्ययशाजी ने कहा-आचार्य श्री तुलसी मानवता के मसीहा थे, जिन्होंने नारी जाति के उत्थान की केवल बात ही नही की बल्कि हर क्षेत्र में नारी को आगे बढ़ाया। शत-शत प्रणाम। साध्वी कर्तव्ययशा जी ने कहा- सगला कै तुलसी म्हारो,पर तुलसी सगला रो, सुमुधर संगीत का संगान किया। सभा दक्षिण दिल्ली एवम तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के तत्वावधान में आयोजित ‘एक शाम तुलसी के नाम’ में अनेकों भावांजलि प्रस्तुत कर सबको बांध दिया। दक्षिण दिल्ली के सभा अध्यक्ष - हीरालाल गैलड़ा, टीपीएफ अध्यक्ष दिल्ली राजेश जैन गेलडा, पूर्व अध्यक्ष दक्षिण दिल्ली अरविंद दुगड़, प्रदीप खटेड़, रंजना खटेड़, प्रदीप बंसल, मीनाक्षी जैन, वंशिका बंसल, कल्पना सेठिया, सुमन कोठरी, रेणु दुगड़, सोनिया दुगड़, अंजना गैलड़ा, ने सुमुधर गीतों, कविताओं एवं व्यक्तव्यों के द्वारा भावांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सैकड़ो भाई बहनों ने एकासन, अन्य प्रत्याख्यान, नवकारसी, पोरसी आदि विभिन्न अनुष्ठानो द्वारा गणाधिपति गुरुदेव को श्रद्धांजलि समर्पित की।