मंत्र दीक्षा के विविध आयोजन

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मंत्र दीक्षा के विविध आयोजन

ग्रीन पार्क (दक्षिण दिल्ली)
साध्वी डॉ0 कुंदनरेखा जी के सान्निध्य में तेले का सामूहिक-तप अभिनंदन एवं मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम संयुक्त रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर साध्वी कुंदनरेखा जी ने कहा कि ‘तप’ आत्मशुद्धि का महानतम उपक्रम है। आधि-व्याधि एवं उपाधि का निवारण तप समाधिमय जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आयुर्वेदिक आचार्यों ने इसे पुष्ट करते हुए कहा कि न खाने से शरीर स्वस्थ, मन प्रसन्न एवं भावधाराएँ पवित्र होती हैं। दक्षिण दिल्ली के भाई-बहनों ने सामूहिक तेले का अनुष्ठान कर कर्मों की शंृखला को तोड़ने का प्रयास किया है। लगभग 20 भाई-बहन तेले के अनुष्ठान में सहभागी बने हैं। सबके आध्यात्मिक जीवन के प्रति मंगलकामना। मंत्र दीक्षा के उपलक्ष्य में साध्वीश्री जी ने कहा कि महामंत्र चौदह पूर्वों के सार युक्त का अद्भुत महामंत्र है। पूरी एकाग्रता एवं जागरूकता के साथ शुद्ध उच्चारण सहित जो जप में तल्लीन होता है, वह संसार के भ्रमण का अंत कर सकता है, उसके साथ-साथ आनंद एवं शांति को भी हस्तगत कर विघ्न-बाधाओं को दूर कर सकता है।
साध्वी सौभाग्ययशा जी ने कहा कि नमस्कार महामंत्र की शक्ति अपार है। ज्ञानशाला के तेरह बच्चों को तेयुप द्वारा मंत्र दीक्षा किट बाँटी गई। दक्षिण दिल्ली, सभा के अध्यक्ष हीरालाल गेलड़ा सहित समाज के वरिष्ठ गोविंद बाफना, अरविंद दुगड़ आदि ने बच्चों को विशेष प्रोत्साहित किया। जैन विद्या परीक्षाओं के प्रमाण पत्र, तेरापंथ सभा, दिल्ली के तत्त्वावधान में होने वाले इस उपक्रम में सुशीला गोलछा और दुगड़ ने जैन परीक्षाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम का प्रारंभ विजय गीत से तेयुप, दिल्ली द्वारा किया गया। आभार ज्ञापन तेयुप, दिल्ली से करुण सेठिया ने किया। तेयुप के मंत्री अमित डूंगरवाल ने अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी। साध्वी कल्याणयशा जी ने गीत का संगान किया। साध्वी कुंदनरेखा जी ने बच्चों को संकल्प करवाकर मंत्र दीक्षा प्रदान की। त्रिआयामी कार्यक्रम वृहद रूप में मनाया गया। दक्षिण दिल्ली भाई-बहनों का उत्साह इस बात का साक्षी रही।