चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के आयोजन

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चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के आयोजन

भीलवाड़ा
शासनश्री मुनि हर्षलाल जी ने वर्ष-2023 के चातुर्मास हेतु कांची रिसॉर्ट से जुलूस के साथ प्रज्ञा भारती महावीर कॉलोनी, भीलवाड़ा में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश किया।स्वागत समारोह में शासनश्री मुनिश्री ने कहा कि पूज्य गुरुदेव के आदेशानुसार हमने भीलवाड़ा चातुर्मास के लिए प्रवेश किया है। चातुर्मास काल त्याग, तपस्या, साधना के लिए महत्त्वपूर्ण काल होता है। इस वर्ष चातुर्मास पाँच महीने का है। सभी लोग खूब धर्म-ध्यान की आराधना करने का प्रयास करें। मुनि यशवंत कुमार जी ने कहा कि भीलवाड़ा गुरुदृष्टि से हम चातुर्मास के लिए आए हैं। भीलवाड़ा बहुत बड़ा क्षेत्र है। यह धर्मनगरी के रूप में भी विख्यात है। तो यहा ज्यादा धर्म होना चाहिए। यह चातुर्मास सब दृष्टियों से सबके लिए कल्याणकारी बने। भीलवाड़ा के गौरव तपस्वी मुनि प्रतीक कुमार जी ने अपनी भावना व्यक्त की।
मुनि पदम कुमार जी और मुनि मोक्ष कुमार जी ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद सुभाष बहेडिया ने समस्त भीलवाड़ावासियों की ओर से मुनिप्रवरों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी ने कहा कि मैं समस्त भीलवाड़ा विधानसभा की ओर से मुनिप्रवरों का स्वागत-अभिनंदन करता हूँ। स्वागत कार्यक्रम में तेरापंथी सभा के अध्यक्ष जसराज चोरड़िया ने संपूर्ण तेरापंथ समाज की ओर से मुनिप्रवरों का स्वागत किया। टीपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज ओस्तवाल, तेममं की राष्ट्रीय सहमंत्री नीतू ओस्तवाल, तेरापंथी महासभा के आंचलिक प्रभारी निर्मल गोखरू सहित अनेक गणमान्यजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे एवं अपनी भावनाएँ व्यक्त की।
तेरापंथ कन्या मंडल ने मंगलाचरण, तेममं की बहनों व भिक्षु भजन मंडली ने गीत प्रस्तुत किया। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने अपनी प्रस्तुति दी। प्रवेश के कार्यक्रम में भीलवाड़ा, गंगापुर, कारोई, गोढास, पिठास, पुर, राशमी, पहुना, दौलतगढ़, करेड़ा, लाछुड़ा, आसंद आदि क्षेत्रों से अच्छी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री योगेश चंडालिया ने किया।