दिल्ली स्तरीय ज्ञानशाला प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला

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दिल्ली स्तरीय ज्ञानशाला प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला

शाहदरा
साध्वी अणिमाश्रीजी के सान्निध्य में दिल्ली सभा के तत्वावधान में दिल्ली स्तरीय ज्ञानशाला प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन ओसवाल सामुदायिक भवन में किया गया, जिसमें अच्छी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लिया। साध्वी अणिमाश्री जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा- ‘बच्चों को संस्कारित करने वाला एक महान उपक्रम है-ज्ञानशाला। भावी पीढ़ी के भविष्य को समुज्ज्वल करने का सक्षम साधन है-ज्ञानशाला। अध्यात्म के रंग से जीवन को बहुरंगी बनाने का माध्यम है-ज्ञानशाला। दिल्ली महानगर की प्रशिक्षिका बहनों की यह उपस्थिति संकेत कर रही है कि प्रशिक्षिका बहनें अपने दायित्व के प्रति जागरूक है। हमारी ये प्रशिक्षिका बहनें अपने समय का सार्थक उपयोग बच्चों के भीतर ज्ञान की तरंगों को तरंगित करने में कर रही है। यही वह समय है, जिसमें बच्चों के जीवन को संस्कारों के इन्द्रधनुषी रंग से रंगीन बनाया जा सकता है। प्रशिक्षिका बहनें बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में जागरूक बनें। दिल्ली सभा ज्ञानशाला संचालन के व्यवस्था-पक्ष को समुचित ढंग से संभाल रही है। दिल्ली ज्ञानशाला संयोजक एवं सह संयोजक तथा पूरी टीम अपने कर्त्तव्य का सम्यक् निर्वहन कर रही है।’
साध्वी सुधाप्रभाजी ने कहा- ‘प्रशिक्षिका बहनें बच्चों के जीवनरूपी वृक्षों की जड़ों को संस्कार रूपी सलिल का सिंचन देकर मजबूत बना रही है। इसलिए ये अभिनंदनीय है।’ साध्वी मैत्रीप्रभाजी ने कहा- ‘गुरुदेव श्री तुलसी का एक महत्वपूर्ण अवदान है-ज्ञानशाला। ज्ञानशाला संस्कारों की शाला है इस शाला में पढ़ाने वाले स्वयं के एवं बच्चों के जीवन को समुज्ज्वल बनाते हैं।’ दिल्ली सभाध्यक्ष श्री सुखराज सेठिया, ज्ञानशाला संयोजक श्री अशोक बैद ने सामयिक विचारों की प्रस्तुति दी। सूर्यनगर ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने सुन्दर कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। पालम ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने मंगल संगान किया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानशाला की सहसंयोजिका दीपिका नाहटा ने किया।