सम्यक् दर्शन कार्यशाला के विविध आयोजन

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सम्यक् दर्शन कार्यशाला के विविध आयोजन

बेंगलूरु
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा निर्देशित सम्यक दर्शन कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ युवक परिषद् बेंगलुरु द्वारा मुनि हिमांशुकुमारजी के सान्निध्य में निरंतर 11 दिनों तक रात्रिकालीन सत्र में किया गया। मुनि हिमांशुकुमारजी के सहवर्ती मुनि हेमंतकुमारजी ने आचार्यश्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित पुस्तक ‘शरीर और आत्मा’ के आधार पर विभिन्न विषयों को समझाते हुए आत्मवाद एवं अनात्मवाद की व्याख्या की। भगवान पार्श्वनाथ की परंपरा के आचार्यश्री कुमारश्रमण केशी एवं राजा प्रदेशी के बीच हुए संवाद पर आधारित शरीर और आत्मा पुस्तक के माध्यम से शरीर की नश्वरता एवं आत्मा की शाश्वत सत्ता को मुनि हेमंतकुमारजी ने सरल ढ़ंग से व्याख्यायित किया।
कार्यशाला में 120 सदस्यों की संभागिता रही। प्रतिदिन लक्की ड्रा एवं प्रश्नोत्तरी के विजेताओं को पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यशाला के प्रायोजक विमलचंद, प्रदीप भंडारी का सम्मान परिषद उपाध्यक्ष विवेक मरोठी एवं कार्यशाला संयोजक विनोद कोठारी ने किया। कार्यशाला में अध्यक्ष रजत बैद आदि पदाधिकारीगण एवं कार्यसमिति सदस्यों के साथ अनेकों श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति रही।