60 दिन की तपस्या का तप अभिनंदन कार्यक्रम

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60 दिन की तपस्या का तप अभिनंदन कार्यक्रम

गुलाबबाग
महातपस्वी युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि रमेशकुमारजी के सान्निध्य में आज तपस्विनी खुशबू संचेती की 60 की तपस्या के उपलक्ष्य में तेरापंथी सभा गुलाबबाग द्वारा तप अभिनंदन कार्यक्रम तेरापंथ भवन में आयोजित हुआ। इससे पूर्व धनराज संचेती के निवास स्थान से वर घोड़ा निकाला गया, जो मुख्य मार्ग से घूमकर तेरापंथ भवन पहुंचा।
तप अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुनि रमेशकुमारजी ने कहा-कर्मों को क्षय करने या नष्ट करने का सर्वाेत्तम उपाय है-तपस्या। तपस्या से ही जैन धर्म की एक अलग पहचान है। खुशबू ने इतनी बडी तपस्या करके दृढ़ मनोबल का परिचय दिया है। संकल्प शक्ति और आत्मिक शक्ति से ही ऐसी कठोर तपस्या संभव है। भगवान महावीर ने आत्म शुद्धि के जितने उपाय बताये हैं, उनमें तपस्या अनुपम और अनुत्तर उपाय है।
मुनि रत्नकुमारजी ने कहा- आज मेरे मन में हर्ष और आन्नद की लहरें उठ रही हैं। गुलाबबाग की तपस्विनी खुशबू संचेती ने 60 दिन की तपस्या करके इस वर्ष का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बंगाल, बिहार, नेपाल, असम आदि प्रांतों में भी इस वर्ष की अभी तक की यह सबसे बड़ी तपस्या है।
तेरापंथ महिला मंडल तपस्विनी खुशबू संचेती को शंखनाद से वर्धापित करते हुए महाप्रज्ञ सभागार में लेकर आये। तप गीत से समारोह का मंगलाचरण किया। तेरापंथ महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेमचंद बैद, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज डागा ने तप अभिनंदन पर अपने भाव व्यक्त किए। तेरापंथी सभा गुलाबबाग के अध्यक्ष सुशील संचेती ने पूरे समाज की ओर से स्वागत किया। तेरापंथ महिला मंडल मंत्री रेखा डागा ने साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुत विभाजी द्वारा इस अवसर पर प्रदत्त संदेश का वाचन किया। तेरापंथी सभा उपाध्यक्ष अशोक बैद ने तप अभिनंदन पत्र का वाचन किया। तेरापंथी सभा इसलामपुर के श्रावकों ने तपस्विनी का अभिनंदन किया।
समारोह का संचालन तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष मनोज पुगलिया ने किया।