संस्थाएं
एक शाम गुरु भक्ति के नाम
अध्यात्म साधना केंद्र, दिल्ली।
साध्वी डाॅ0 कुंदनरेखा जी के सान्निध्य में तेरापंथ सभा, दिल्ली के तत्त्वावधान में एवं दक्षिण दिल्ली सभा के आयोजक्त्व में आचार्यश्री भिक्षु चरमोत्सव एवं आचार्य महाश्रमण दीक्षा कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘एक शाम गुरु भक्ति के नाम’ भक्ति संध्या का भिक्षु ओडिटोरियम में आयोजन हुआ। इस अवसर पर साध्वी कुंदनरेखा जी ने कहा कि तेरापंथ के आद्य प्रणेता आचार्य भिक्षु ने सच्चे धर्म की प्ररूपणा की। विरोधों का मुकाबला किया। प्रथम रात श्मशान घाट में बिताई। गुरुदेव आचार्य महाश्रमण करुणा के अवतार हैं। आपकी करुणामयदृष्टि ने लाखों लोगों का मार्ग प्रशस्त किया है। हे धर्मदूत आप चिरायू रहें। चतुर्विध धर्मसंघ का संरक्षण करते हुए मानव मात्र में अध्यात्म की किरणें प्रसारित करते रहें।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा, दक्षिण दिल्ली के अध्यक्ष हीरालाल गेलड़ा ने आगंतुक अतिथियों एवं संगीतज्ञ भाई-बहनों का स्वागत किया। सिरसा से समागत सुमधुर गायक अमित सिंघी एवं मंड्या, कर्नाटक से पधारी रितु दक ने अपने भजनों से कार्यक्रम में समां बाँध दिया। प्रसिद्ध गजल गायक जितेंद्र सिंह ने अपनी प्रस्तुति से भावविभोर कर दिया। साथ ही संजय भटेरा, स्वाति भटेरा, पूजा बैद, गौतम सिंघी ने भक्ति भरे गीतों की प्रस्तुति दी।
तेरापंथ सभा दक्षिण दिल्ली के पदाधिकारियों द्वारा संगायकों का मोमेंटो आदि से सम्मान किया गया। तेरापंथ सभा, दिल्ली के अध्यक्ष सुखराज सेठिया ने कहा कि छतरपुर अध्यात्म साधना केंद्र तेरापंथ भवन का परिसर अनुपम परमाणुओं से भरा है। आचार्य महाश्रमण एक ऐसी शक्ति का नाम है जहाँ पर करुणा का स्रोत प्रवहमान रहता है। आचार्य भिक्षु का यह तेरापंथ शासन आचार्य महाश्रमण के निर्देशन में नित नए आयामों द्वारा विकास के क्षितिज खोल रहे हैं। तेरापंथ सभा दक्षिण दिल्ली के मंत्री यश बरमेचा ने सभी का आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रायोजक विजिया देवी मालू, सुखराज सेठिया, दिल्ली सभा अध्यक्ष, गुरुग्राम एवं रोहिणी के श्रावक समाज मुख्य रूप से तथा पूरी दिल्ली से श्रावक समाज उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन संस्कृति भंडारी ने किया। मंगलाचरण तेममं दक्षिण दिल्ली की बहनों द्वारा किया गया। भिक्षु भजन मंडल ने अपनी सुमधुर स्वरलहरियों में प्रस्तुति दी। सह-आयोजक संस्था अखिल भारतीय अणुव्रत न्यास, साउथ दिल्ली महिला मंडल, टीपीएफ, तेयुप का सराहनीय सहयोग रहा।