पर्युषण पर्व आराधना कार्यक्रम का आयोजन

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बायतु।

पर्युषण पर्व आराधना कार्यक्रम का आयोजन

बायतु।
जैन धर्म का पवित्र पावन पर्युषण महापर्व तेरापंथ भवन में आध्यात्मिक आनंद उल्लास के साथ मनाया गया। पर्युषण के 8 दिनों में प्रवक्ता उपासिका विमला संखलेचा, सहयोगी उपासिका सुमन कुहाड़ एवं संगीता रांका ने केंद्र द्वारा निर्धारित विषयोंµखाद्य संयम, स्वाध्याय, सामायिक, वाणी संयम, अणुव्रत चेतना, जप व ध्यान दिवस के विषय पर विस्तृत जानकारी श्रावक समाज को प्रदान की तथा संबंधित विषयों पर गीतिका आदि के संगान आदि के माध्यम से प्रेरणा प्रदान की।
उपासिका सुमन व उपासिका संगीता द्वारा भगवान महावीर के भव परंपरा का वर्णन प्रस्तुत किया गया। संवत्सरी के दिन प्रातः 9 बजे से शाम 4 बजे तक प्रवचन का कार्यक्रम चलाया गया। उपासिका विमला संखलेचा ने प्रभावक आचार्यों का जीवन-वृत्त सुनाया। पर्युषण महापर्व में सुबह का प्रवचन, दोपहर कार्यक्रम, प्रतिक्रमण व रात्रिकालीन कार्यक्रम में श्रावक-श्राविका समाज की उपस्थिति रही। बायतु के श्रावक समाज ने सामायिक की सतरंगी 10, मौन की पचरंगी 21, द्रव्य की पचरंगी 5, द्रव्य की सतरंगी 3, अठाई की तपस्या 2, बेल की तपस्या 4, तेले की तपस्या 1, एकासन की अठाई 10, संवत्सरी में अष्ट प्रहरी पौषध 4, चतुष्टप्रहारी पौषध 18 व संवत्सरी उपवास 53 हुए। नवकार महामंत्र का जप सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पर्युषण काल में चला, जिससे परिसर में अपने आप आध्यात्मिक समा बंध गया। पर्युषण आराधना में सभी भाई-बहनों ने पूरा लाभ उठाया। इस दौरान तेरापंथी सभा, तेयुप, तेममं, तेरापंथ कन्या मंडल सहित जैनेतर लोगों ने भी धर्म उपासना की।