कर्तव्य बोध आध्यात्मिक विकास की यात्रा आयोजन

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कर्तव्य बोध आध्यात्मिक विकास की यात्रा आयोजन

नंदनवन (मुंबई)।
आचार्यश्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी स्वयं मुंबई के प्रत्येक क्षेत्र की सार-संभाल ले रहे हैं। चेंबूर, दादर, एलाफिस्टन, साउथ मुंबई, शायन कोलीवाड़ा, वाशी, सीबीडी, बेलापुर, खारघर, कामोठे, एरोली, कोपरखेरणा, उरण, उलवा, बदलापुर, ठाणे सेंट्रल, ठाणे कोपरी, वागले स्टेट, पनवेल, नेरुल, गोवंडी, उल्हासनगर, विरार, नालासोपारा व भायंदर आदि क्षेत्रों की प्रत्यक्ष रूप से बहनों की सार-संभाल ली गई। क्षेत्रीय महिला मंडल की संयोजिकाओं ने अपनी टीम के परिचय के साथ अपने क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की जानकारी दी।
साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी ने कहा कि बहनों और कन्याओं को मंडल से कैसे जोड़ना है? उन्हें सुसंस्कारी कैसे बनाना है? हर बहन को ऐसा सोचना है कि मंडल मेरा है और मैं मंडल की हूँ। पद विसर्जन के बाद भी किसी भी बहन की जिम्मंदारी मंडल के प्रति खत्म नहीं होती। साध्वीप्रमुखाश्री जी ने कहा कि संस्कार निर्माण, ज्ञानशाला, जैन विद्या, तत्त्व ज्ञान आदि क्षेत्रों में बहनें आगे बढ़ें। प्रमुखाश्री जी के सन्निधि में, तेममं, मुंबई तत्त्व ज्ञान का प्लेग्रुप जल्द ही शुरू करने जा रही है। अधिक से अधिक बहनें उस क्लास में तत्त्व ज्ञान को सीखने का प्रयास करें। महिला मंडल की अध्यक्षा विमला कोठारी, अभातेममं की ट्रस्टी प्रकाश देवी तातेड़, मंत्री संगीता चपलोत, कोषाध्यक्ष सुनीता सुतरिया, पूर्वाध्यक्ष प्रेमलता सिसोदिया, सुनीता परमार, भाग्यश्री कच्छारा, मीना सुराणा, निर्मला चंडालिया सहित अनेक पदाधिकारीगण एवं सदस्यों की उपस्थिति रही।