‘संघ के प्रति हमारा दायित्व’ कार्यशाला का आयोजन

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‘संघ के प्रति हमारा दायित्व’ कार्यशाला का आयोजन

तिरुपुर।
साध्वी डाॅ0 गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में ‘संघ के प्रति हमारा दायित्व कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। साध्वी डाॅ0 गवेषणाश्री जी ने कहा कि मनुष्य एक सीढ़ी है। जिस सीढ़ी से नीचे उतरा जाता है उससे ऊपर भी चढ़ा जा सकता है। चढ़ने और उतरने की सीढ़ी एक ही है। व्यक्तित्व विकास का भी यह फार्मूला है। जब वह संघ से जुड़ता है तो ऊपर चढ़ जाता है और अपने व्यक्तित्व का निर्माण कर ऊँचाई को माप लेता है। युवा गौरव, अमृतवाणी के संरक्षक, अभातेयुप के पूर्वाध्यक्ष, जैन विश्व भारती के पूर्वाध्यक्ष एवं वर्तमान में दिल्ली सभा के अध्यक्ष सुखराज सेठिया ने कहा कि हमारे धर्मसंघ की पहचान अनुशासित, मर्यादित, संगठित और व्यवस्थित रूप में है। जन्मघुट्टी की तरह यह संस्कार हमें मिले हैं। परिवार के प्रति जैसे हम जागरूक हैं वैसे ही संघ, समाज के प्रति भी जागरूक रहें। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी दक्षप्रभा जी, साध्वी मेरुप्रभा जी ने मंगलाचरण के साथ किया। अनिल आंचलिया ने सभी का स्वागत किया। हेमंत पारख ने सभी का आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन साध्वी मयंकप्रभा जी ने किया।