आचार्यश्री तुलसी के 110वें जन्मोत्सव के आयोजन

संस्थाएं

आचार्यश्री तुलसी के 110वें जन्मोत्सव के आयोजन

सिवानी
शासनश्री साध्वी कुंथुश्री जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन में तेरापंथी सभा के तत्त्वावधान में आचार्यश्री तुलसी का 110वाँ जन्म दिवस अणुव्रत दिवस के रूप में आयोजित किया गया। साध्वी कुंथुश्री जी ने कहा कि विश्व क्षितिज पर अनेक महापुरुष अवतरित होते हैं, वे अपने व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व से स्वतंत्र पहचान बना लेते हैं। उनमें एक नाम गौरव से लिया जाता है आचार्यश्री तुलसी। जो तेरापंथ के नवमाधिशास्ता थे, विश्व की विरल विभूति थे। धर्मक्रांति के सूत्रधार आचार्यश्री ने नैतिक उत्क्रांति, मानसिक शांति के लिए अणुव्रत का शंखनाद किया। जिसका स्वर विदेशों में भी गूँजा। अशांत मनुष्य को शांति का मार्ग दिखलाता है अणुव्रत। आपने युग को अनुपम अवदान दिए। देश के शीर्षस्थ वरिष्ठ नेताओं ने भी इस आंदोलन का पूरा समर्थन किया है। युगपुरुष, युगद्रष्टा आचार्यश्री तुलसी के सपनों को साकार करें। उनके चरणों में श्रद्धा सिक्त नमन। साध्वीवृंद ने भावपूर्ण गीत के द्वारा श्रोताओं को आकर्षित किया। सभाध्यक्ष रतनलाल जैन ने गुरुदेव तुलसी के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। आचार्यश्री के व्यक्तित्व को उजागर करते हुए कार्यक्रम का संचालन साध्वी सुमंगलाश्री जी ने किया।