लोगस्स कल्प अनुष्ठान का आयोजन

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लोगस्स कल्प अनुष्ठान का आयोजन

तिरुपुर।
साध्वी डाॅ0 गवेषणाश्री जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन में लोगस्स कल्प अनुष्ठान का कार्यक्रम आयोजित हुआ। साध्वी डाॅ0 गवेषणाश्री जी ने कहा कि साधना के अनेक मापदंड हैं। अनेक मंत्र हैं, विधा है, उसमें एक हैµलोगस्स पाठ। लोगस्स सूत्र में 24 तीर्थंकरों की स्तुति की हुई है। जो जैन धर्म के सर्वोच्च शिखर पुरुष हैं। विशेष बीजमंत्रों के साथ इसकी साधना की जाती है तो यह विशेष ऊर्जायुक्त बन जाता है।
लोगस्स कल्प के अंतर्गत भी विशेष बीजमंत्रों के साथ इसका अनुष्ठान किया गया। इनकी स्तुति से अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी मंद हो जाता है। साध्वी मयंकप्रभा जी ने कहा कि तीर्थंकरों की स्तुति, दर्शन की बोधि, कर्मों की निर्जरा के लिए की जाती है। तीर्थंकर मार्गदर्शक होते हैं। साध्वी मेरुप्रभा जी ने सुमधुर गीतिका के द्वारा सभी का मन मोह लिया। सभाध्यक्ष अनिल आंचलिया ने स्वागत तथा उपाध्यक्ष बिजय मालू ने आभार ज्ञापन किया।