नव वर्ष पर मंगल पाठ के विविध आयोजन

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नव वर्ष पर मंगल पाठ के विविध आयोजन

शालीमार बाग
शासनश्री साध्वी रतनश्री जी के सान्निध्य में शालीमार बाग में नए वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलपाठ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भिक्षु अष्टकम् से साध्वी कार्तिकप्रभा जी, साध्वी चिंतनप्रभा जी ने किया। शासनश्री साध्वी रतनश्री जी ने कहा कि हमारे तेरापंथ संघ में श्रीमद् जयाचार्य एवं आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी मंत्र शक्ति के रहस्यों के विज्ञाता आचार्य हुए हैं। उन्होंने अपने साधना काल में अनेक मंत्रों के प्रयोग किए तथा दूसरों को शक्ति संरक्षक, शरीर रक्षा कवच, विघ्न विनाशक आदि मंत्र बताए। आप नए वर्ष में प्रवेश उन ऊर्जावान मंत्रों के पुण्य स्मरण के साथ करें। मंत्रों का प्रभाव बताते हुए लगभग 45 मिनट तक मंत्रों का जाप करवाया। अंत में वृहद् मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम परिसंपन्न हुआ।
उससे पहले शासनश्री साध्वी सुव्रतांजी ने कहा कि आप नए वर्ष में प्रवेश समय नियोजन के साथ करें। समय एक गतिशील तत्त्व है। नदी के प्रवाह की तरह प्रतिक्षण प्रवाहित रहता है। उससे लाभ उठाने वाले अनेकानेक क्षेत्रों में गति-प्रगति के स्वस्तिकों की रचना कर सकते हैं। आज आचार्यश्री महाश्रमण जी एवं साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी के जीवन से प्रेरणा लें, उन्होंने ऊँचे लक्ष्य, ऊँची सोच और ऊँची योजनाओं के द्वारा अपने आपको गगनचुंबी ऊँचाइयाँ दी हैं। संघ को विकास के शिखर पर चढ़ा रहे हैं। साध्वीवृंद ने गीत का संगान किया। शालीमार बाग सभा की अध्यक्षा सज्जन गिड़िया, अणुव्रत भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक संचेती ने नववर्ष के संदर्भ में मंगलकामनाएँ प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संयोजन शालीमार बाग सभा के महामंत्री अनिरुद्ध जैन ने किया।