संथारा समाचार

संथारा समाचार

असाड़ा, ईरोड।
श्राविका अंजू देवी की माताजी पुष्पा देवी भंसाली को गुरुदेव की आज्ञा से साध्वी गुप्तिप्रभा जी ने जोधपुर में लगभग 12ः15 बजे संथारे का प्रत्याख्यान करवाया और उसी दिन रात को लगभग 9ः30 बजे के आसपास उनका संथारा असाड़ा में सीज गया। पुष्पा देवी एक सुदृढ़ श्राविका, सरलमना, शांत स्वभावी, कर्तव्यनिष्ठ, उदारमना, संत समागम व सेवा भावना से ओत-प्रोत, करुणा व ममता की सजग मूर्ति थी।
उनके निवास स्थान से बैकुंठ यात्रा प्रारंभ कर मुक्तिधाम तक संपन्न की गई। समणी डॉ0 मंजूप्रज्ञा जी, समणी स्वर्णप्रज्ञा जी के सान्निध्य में असाड़ा तेरापंथ भवन में उनकी स्मृति सभा का आयोजन किया गया। जिसमें पूज्य गुरुदेव से प्राप्त संदेश का वाचन किया गया। साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी से प्राप्त, साध्वी गुप्तिप्रभा जी, साध्वी कुसुमलता जी, साध्वी मौलिकयशा जी, साध्वी भावितयशा जी, साध्वी मंजुलयशा जी से प्राप्त संदेशों का वाचन किया गया। परिवार की ओर से जवाहरलाल भंसाली, महावीर सालेचा, पिंकी भंसाली, संतोष सिंघवी, महेंद्र भंसाली, धनराज भंसाली आदि ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समणी डॉ0 मंजूप्रज्ञा जी ने संथारे का महत्त्व बताते हुए मृत्यु को महोत्सव बनाने की दिशा में उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन मुमुक्षु बहन अंजली बाई ने किया।