अमावस्या पर हुआ तप, जप एवं स्वाध्याय

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अमावस्या पर हुआ तप, जप एवं स्वाध्याय

राजाजीनगर।
भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्वाणोत्सव के उपलक्ष्य में आचार्यश्री महाश्रमण जी द्वारा इंगित प्रत्येक मासिक अमावस्या को जप, तप एवं स्वाध्याय की तीसरी कार्यशाला का आयोजन तेयुप द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में किया गया। प्रवक्ता उपासक महेंद्र कुमार दक ने जय महावीर भगवान की स्तुति से शुभारंभ किया। तत्पश्चात आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महावीर का पुनर्जन्म’ के आधार पर गुरु और शिष्य के कर्तव्य में पाँच-पाँच सूत्रों को बताया। उपासक राजमल बोहरा ने आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रमण महावीर’ से श्रमण भगवान महावीर स्वामी के जीवन और परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दी। जप के क्रम में महेंद्र सेठिया ने महाप्राण ध्वनि से जप संपन्न करवाया।