१६०वें मर्यादा महोत्सव के विविध कार्यक्रम

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१६०वें मर्यादा महोत्सव के विविध कार्यक्रम

चंडीगढ़

जीवन का पड़ाव चाहे संसार हो या संन्यास, सीमा, संयम एवं मर्यादा जरूरी है। मर्यादा जीवन का पर्याय है। मर्यादा महोत्सव दुनिया का अनूठा उत्सव है। तेरापंथ की गतिविधियों का नाभि केंद्र है। मर्यादा महोत्सव का केंद्रीय विराट आयोजन संघ के अधिशास्ता की पावन सन्निधि में समायोजित होता है। किसी भी धर्मगुरु, संगठन, संस्था या संघ की मजबूती का प्रमुख आधार हैµमर्यादा। साधु-साध्वियों एवं समण-समणियों की सारणा-वारणा, सार-संभाल का समय हैµयह महोत्सव। यह विचार मुनि विनय कुमार जी ‘आलोक’ ने १६०वें मर्यादा महोत्सव पर व्यक्त किए। कार्यक्रम में तेरापंथ सभा के मंत्री सुधीर जैन, विजय गोयल, राजेश प्रसाद जैन, महिला मंडल की अध्यक्षा शांता चोपड़ा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रज्ञा गीत से हुई, संचालन अणुव्रत समिति मंत्री प्रदीप जैन ने किया।