
रचनाएं
महामहिम को शीष नवाएं
महातपस्वी गुरुवर पाए, महामहिम को शीष नवाएं।
शांतिदूत, नेमा सपूत को, पाकर दिल हरसाए।।
मोहन से बन गये मुदित, मुनि मुदित से महाश्रमण,
संघ शिरोमणि, समता शेखर, महके तेरा गण चमन।
भावों के भक्ति थाल सजाएं।।
आगम आस्था, सम्यक् रास्ता, मंजिल तक पहुंचाए,
परम ध्येय की पुनीत साधना, पथ पर कदम बढ़ाएं।
अन्तर ज्योति दीप जलाएं।।
साधना के सुरतरू तेरी, संयम तपमय छांव भली,
चरणों में पावन परिमल पा, मन की कली-कली खिली।
उपशम आभा में रम जाएं।।
सव्वभूयखेमंकरी, मंगलमय यात्रा प्यारी,
आभारी हर दिल का गुंजन, प्रभुवर महाउपकारी।
जीवन गुलशन को विकसाये।।
संयम शक्ति, जिनवर भक्ति, अभय मैत्री मन भाए,
अनासक्ति की विमल साधना, नूतन रंग रचाए।
श्रम सुरभि से गण महकाए।।
दीक्षा कल्याणक उत्सव है, मंगल गाएं बधाएं,
क्रोड दिवाली राज करो प्रभु, सुयश दशों दिशाएं।
हर क्षण शुभ सन्निधि हम पाएं।।
लय - झिलमिल सितारों