संस्थाएं
आध्यात्मिक मिलन समारोह
कोपरी ठाणे। उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमलकुमारजी एवं मुनि अभिजीतकुमारजी का कोपरी ठाणे तेरापंथ भवन में मधुर मिलन हुआ। मुनि कमलकुमारजी ने कहा कि हम परम सौभाग्यशाली हैं कि हमें मनुष्य जन्म के साथ जैनधर्म और तेरापंथ धर्मसंघ मिला है। भिक्षु स्वामी ने बड़े संघर्षों को सहन कर हमारे लिए एक राजमार्ग का निर्माण कर दिया। आज इस धर्मसंघ की बागडोर युगप्रधान महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी के करकमलों में है। उनके कुशल मार्गदर्शन में यह संघ दिनों-दिन वर्धमानता की ओर अग्रसर है। उनकी कृपा दृष्टि पाकर मुनि अभिजीतकुमारजी, मुनि जागृतकुमारजी पूना में नशा मुक्ति का प्रचार कर पधारे हैं।
मुनिद्वय ने आगम मनीषी मुनिश्री महेंद्रकुमारजी की लंबे समय तक तन्मयता से सेवा कर जो ज्ञान का खजाना भरा, वह आज जन-जन को बांट रहे हैं। ऐसे युवा संतों से हमारे धर्मसंघ की शोभा बढ़ती है। मुनि अभिजीतकुमारजी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमने जब पूना में पूज्यप्रवर से मंगलपाठ सुना। तब गुरुदेव ने मुनिश्री कमलकुमारजी स्वामी का नाम लेकर वंदना मालूम करवाई, सुखसाता पूछी। उन्होंने कहा- मुनिश्री जहां विराजते हैं वहां सामाजिक-जाप का ठाठ लग जाता है। कार्यक्रम में मुनि जागृतकुमार जी, मुनि अमनकुमारजी, मुनि नमिकुमारजी, मुनि मुकेशकुमारजी ने अपने विचार प्रस्तुत किये।