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महावीर की अमृतवाणी को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी
महरौली स्थित तेरापंथ भवन कालूकुंज में अमृतवाणी कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए 'शासनश्री' साध्वी सुब्रतांजी ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, अनेकांत, सहअस्तित्व एवं शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आज सर्वाधिक आवश्यकता है।
आज का मनुष्य तनाव, अशांति, आतंकवाद एवं हिंसा के माहौल में जीवन जी रहा है, और ऐसे समय में महापुरुषों की वाणी ही शांति, संतुलन एवं सुख का माध्यम बन सकती है। जैन तीर्थंकरों के साथ-साथ आचार्यों एवं मुनिजनों के उपदेश शांतिपूर्ण जीवन का आधार हैं।
साध्वीश्री ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी, आचार्य श्री महाप्रज्ञ एवं वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमण तथा तीर्थंकरों की वाणी को संचार माध्यमों द्वारा देश और दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अमृतवाणी संस्था एक अनूठा कार्य कर रही है।
समारोह की अध्यक्षता जैन विश्वभारती के उपाध्यक्ष पन्नालाल बैद ने की, जबकि समारोह के विशिष्ट अतिथि जोधराज बैद थे। अमृतवाणी पिछले चार दशकों से तीर्थंकरों के उपदेशों एवं आचार्यों की वाणी को विभिन्न टीवी चैनलों एवं यूट्यूब के माध्यम से प्रतिदिन देश और दुनिया में प्रसारित करने का उल्लेखनीय कार्य कर रही है। अब तक इसका प्रधान कार्यालय लाडनूं, राजस्थान में था, जिसे अब दिल्ली में स्थापित किया गया है।
अमृतवाणी के संरक्षक सुखराज सेठिया ने संस्था का परिचय प्रस्तुत करते हुए समाजभूषण जेसराज सेखानी की उल्लेखनीय सेवाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अमृतवाणी आचार्यों की वाणी को संरक्षित, सुरक्षित और संप्रेषित करने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर पन्नालाल बैद ने कहा कि आज के संचार युग में गुरुओं की वाणी को देश और दुनिया में पहुंचाकर अमृतवाणी ने एक महाक्रांति घटित की है। यह संस्था एक छोटे बीज से वटवृक्ष बनकर आधुनिक जीवन में धर्म को स्थापित करने का महान कार्य कर रही है। कार्यक्रम का संयोजन संदीप डूंगरवाल ने कुशलता से किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष ललित दूगड़ एवं महामंत्री अशोक पारख ने जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा दिल्ली को कार्यालय का स्थान प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अमृतवाणी को उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले कार्यकर्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में साध्वी कार्तिकप्रभाजी एवं साध्वी चिंतनप्रभाजी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। आभार ज्ञापन दिल्ली सभा के महामंत्री प्रमोद घोड़ावत ने किया।
समारोह से पूर्व जैन संस्कार विधि से संस्कारक सुशील डागा एवं
सुशील बैंगानी ने उद्घाटन प्रक्रिया संपन्न कराई। इस समारोह में देश के विभिन्न भागों से विशिष्ट व्यक्तियों ने भाग लिया। समारोह के पश्चात शासनमाता साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी के समाधि स्थल वात्सल्य पीठ पर सभी ने मंगल पाठ सुनकर अमृतवाणी कार्यालय के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
समारोह में संपतमल नाहाटा, गोविंद बाफना, जसराज मालू, सुशील कुहार, अमरचंद कुंडलिया आदि की विशेष उपस्थिति रही।