नव वर्ष पर वृहद मंगल पाठ एवं विविध आयोजन

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गुंटूर, आंध्रप्रदेश

नव वर्ष पर वृहद मंगल पाठ एवं विविध आयोजन

युगप्रधान आचार्य महाश्रमण जी के शिष्य मुनि मोहजीत कुमार के सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गुंटूर द्वारा आयोजित नववर्ष आध्यात्मिक अनुष्ठान का उप‌क्रम नमस्कार महामंत्र के साथ सिद्ध स्तवन के संगान से प्रवर्धमान किया गया। मुनि मोहजीत कुमार ने मंत्राराधक विशाल परिषद को संबोधित करते हुए‌ कहा कि इस शताब्दी के रजत वर्ष का समापन के अवसर पर सन् और कलेन्डर बदलने के साथ जीवन की प्रत्येक क्रिया-कलापों को रजत सम उजली बनाने का प्रयास करें। नव वर्ष पर संकल्प करें कि जीवन की हर प्रकृति संयमित और सात्विक हो। शारीरिक, मानसिक, भावात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का विकास हो। जीवन का हर पल ऊर्जावान-मंगलमय हो। इस अवसर पर मुनि जयेश कुमार जी ने कहा - मानव को नव्यता पसंद है। हर चीज अपग्रेडेड और नई होनी चाहिए।पर यह नव्यता की चाह सिर्फ बाहरी वस्तुओं के लिये ही ना हो अपितु हम अपने आप में भी नयापन लाएं। नववर्ष के अवसर पर हम ऐसे संकल्प ग्रहण करे जो हमें हमारे नए स्वरूप को डिस्कवर करने और बेहतर भविष्य के निर्माण में योगभूत बने।