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तप, त्याग और श्रद्धा का अनुपम उत्सव
बहुश्रुत मुनि उदित कुमार जी द्वारा शाहदरा, पूर्वी दिल्ली में अपना सफल चातुर्मास संपन्न करने के पश्चात एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद एवं फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों का स्पर्श कर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, आईटीओ, दिल्ली स्थित अणुव्रत भवन में पदार्पण किया गया। संघ प्रभावना का यह क्रम निरंतर जारी है। अणुव्रत भवन में आज अध्यात्म, साधना और श्रद्धा का दिव्य वातावरण साकार हुआ। शासन श्री मुनि विमल कुमार जी एवं बहुश्रुत मुनिश्री उदित कुमार जी के पावन सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ जन्म जयंती के पावन अवसर पर दिल्ली–एनसीआर स्तरीय तप अभिनंदन समारोह एवं उपासक श्रेणी सम्मान समारोह अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा, दिल्ली की ओर से 109 तपस्वियों तथा दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र से आए उपासक श्रेणी के सदस्यों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया। पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा, तपोभाव और श्रद्धा से ओतप्रोत दिखाई दिया। बहुश्रुत मुनिश्री उदित कुमार जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में भगवान पार्श्वनाथ को करुणा, अहिंसा और क्षमा का सजीव प्रतीक बताते हुए कहा— भगवान पार्श्वनाथ का जीवन समता और शांति का संदेश है। आज के अशांत युग में उनका दर्शन मानवता के लिए मार्गदर्शक दीपक के समान है। तपस्या के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा— तप आत्मा की शुद्धि और आत्मिक उन्नति का सशक्त साधन है।