भिक्षु विचार दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

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विजयनगर।

भिक्षु विचार दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद विजयनगर द्वारा डॉ मुनि पुलकित कुमारजी ठाणा 2 के मंगल सानिध्य विजयनगर तेरापंथ भवन बेंगलुरु में भिक्षु विचार दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। नवकार महामंत्र से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विजय स्वर संगम टीम ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला में पधारे हुए सभी का स्वागत तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विकास बांठिया ने किया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद संगठन मंत्री रोहित कोठारी ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन करते हुए कहा आचार्य श्री भिक्षु ज्योतिपुंज थे उन्होंने धार्मिक जगत में नया प्रकाश फैलाने का प्रयास किया। मुनिश्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा आचार्य श्री भिक्षु का दर्शन मोक्ष प्राप्ति का दर्शन है उन्होंने सूक्ष्म दृष्टि से भगवान महावीर के सिद्धांतों को समझाने का प्रयास किया। लौकिक और लोकोत्तर कार्यों की भेद रेखा को समाज के सामने प्रस्तुत किया।
मुनिश्री ने आगे कहा भारतीय संस्कृति के आदर्शों को भगवान महावीर के आगम वाणी के अनुरूप बढ़ाने का प्रयास किया। आचार्य श्री भिक्षु के सत्य सिद्धांत को समझने का प्रयास करें। मुख्य वक्ता उपासक महेंद्र दक ने कहा सम्यक श्रद्धा को बनाएं रखना और स्वयं में टिकाएं रखना बहुत जरूरी है। आचार्य श्री भिक्षु का साहित्य भिक्षु विचार दर्शन के माध्यम से समझने का प्रयास करें। उन्होंने आगे कहा आवेग और आवेश को शांत करके ही सम्यक्त्व को पुष्ट किया जा सकता है। उपासक ने तेरापंथ प्रबोध के कुछ पद्यों का विवेचन करते हुए आचार्य श्री भिक्षु के तत्व सिद्धांतों को बताने का प्रयास किया। शाखा प्रभारी आलोक छाजेड़, भिक्षु दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला सलाहकार राकेश पोकरणा ने विचार रखें। आभार ज्ञापन उपाध्यक्ष पवन बैद ने किया। इस अवसर पर सभा उपाध्यक्ष भँवरलाल मांडोत एवं प्रबंध मंडल, युवक परिषद् से प्रदीप बाबेल, कमलेश चोपडा, महिला मंडल अध्यक्षा महिमा पटावरी, ट्रस्ट अध्यक्ष पुखराज श्रीश्रीमाल, अभातेयुप परिवार सहित श्रावक समाज की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन संगठन मंत्री पीयूष ललवानी ने किया।