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बैलेंसिंग योर सेल्फ कार्यशाला का आयोजन
साध्वी संयमलतजी जी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य के सान्निध्य में बैलेंसिंग योर सेल्फ कार्यशाला का विशेष आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक डालमचंद सेठिया व सह प्रशिक्षक पूजा गूगलिया के विशेष प्रयोग एवं वक्तव्य हुए। साध्वी संयमलताजी नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए कहा आज के युग में तनाव एक लाइफ लॉंग बीमारी बन गया है प्रत्येक व्यक्ति का मन मस्तिष्क तनावग्रस्त है नींद की गोलियाँ खाकर भी वह गहरी नींद नहीं ले पा रहा हैं। इसको रोकने की महत्वपूर्ण पद्धति है प्रेक्षाध्यान यह एक वैज्ञानिक पद्धति है व्यक्तिगत जीवन में छोटे छोटे ध्यान के प्रयोग हमारे शारीरिक मानसिक भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं और स्वयं को बैलेंसिंग बनाते हैं।
शारीरिक तौर पर बीपी, डायबिटीज़ आदि बीमारियाँ भी ध्यान से नियंत्रित में आ जाती हैं जीवनी शक्ति को बढ़ाने वाली मानसिक और भावनात्मक तनावों से निजात दिलाने वाली प्रेक्षा ध्यान पद्धत आज के युग में संजीवनी बूटी का काम कर रही है। इसके साथ आत्मा साक्षात्कार तक पहुँचने वाली है। डालमचंद सेठिया ने कहा ध्यान के द्वारा वर्तमान क्षण में मुक्ति का अनुभव किया जा सकता है अनेक छोटी छोटी दैनिक समस्याओं का समाधान खुद से पाया जा सकता है। पूजा गूगलिया ने कायोत्सर्ग का महत्व श्वास प्रेक्षा एवं ध्यान के प्रयोग करवाए कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए साध्वी मार्दव श्रीजी ने कहा जीवन का आनंद कहीं बाहर नहीं बल्कि मनुष्य के अपने ही भीतर है उसे ढूंढने के लिए स्वयं को संतुलित बनाना जरूरी है अपनी पर्सनल लाइफ, सोशल लाइफ, रिलेशन को अच्छा रिलेशन रखने के लिए ध्यान के प्रयोग जरूरी है अंतः हम जागरूकता के साथ जीवन जिए।