कैसे बने स्वयं के ट्रस्टी कार्यशाला का आयोजन

संस्थाएं

गंगाशहर।

कैसे बने स्वयं के ट्रस्टी कार्यशाला का आयोजन

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद गंगाशहर के द्वारा कैसे बने स्वयं के ट्रस्टी व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन साध्वी विशदप्रज्ञा जी, साध्वी लब्धियशा जी के सानिध्य में शांतिनिकेतन गंगाशहर में किया गया। कार्यक्रम का मंगलाचरण साध्वियों के द्वारा गीत के माध्यम से किया गया, तत्पश्चात विषय के प्रशिक्षक के रूप में साध्वी श्री विधि प्रभा जी ने विषय को सरल और सुलभ भाषा में आम जन को समझाया। उन्होंने व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए बताया कि कैसे व्यक्ति अपने सोशल, मेंटल और स्पिरिचुअल पर्सनेलिटी को विकसित कर सकता है उन्होंने यह बताया कि व्यक्तित्व महंगे कपड़ों और आभूषणों का मोहताज नहीं है। साध्वी लब्धि यशा जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह विषय इतना गहन है कि इस पर एक कार्यशाला से नहीं होगा, तेरापंथ युवक परिषद को आगे भी इस तरह की अनेक कार्यशालाएं लगानी होगी। साध्वी विशदप्रज्ञा जी ने तेरापंथ युवक परिषद की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंगाशहर युवक परिषद के हर कार्यकर्ता में एक अनूठा जोश है, कार्यक्रम को करने का जज्बा है। उन्होंने बताया कि व्यक्तित्व विकास, बोलने की कला आदि के माध्यम से हर व्यक्ति अपना चौमुखी विकास कर सकता है। कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में तेरापंथ युवक परिषद गंगाशहर के अध्यक्ष ललित राखेचा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन उपाध्यक्ष देवेंद्र डागा ने किया। व्यक्तित्व विकास कार्यशाला के प्रभारी मयंक सेठिया ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन समाज की प्रतिभाओं को विकसित कर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है।