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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विविध आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत उपाध्यक्ष गरिमा सुराणा द्वारा नमस्कार महामंत्र के साथ की गई। महिला मंडल की बहनों ने प्रेरणा गीत का संगान किया इसके पश्चात मंडल की अध्यक्ष बॉबी जैन ने स्वागत भाषण देते हुए अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका परिचय कराया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्नेहंजलि स्वाइ (Regional for Development Cooperation – RCDC), प्रभाती बिसोई (प्रेस रिपोर्टर व समाज सेविका), सुषमा जैन(सामाजिक कार्यकर्ता), मनोरमा माझी (Retired CDPO Cashier) एवं समा अहमद (Vice Secretary, नारी शक्ति NGO) उपस्थित रहीं।इस अवसर पर महिलाओं के स्वाभिमान और आत्मविश्वास को प्रेरित करते हुए एक मुक्तक प्रस्तुत किया गया —“जब नारी अपने स्वाभिमान को पहचानती है, तो हर राह खुद-ब-खुद आसान हो जाती है।गृह लक्ष्मी जब आत्मविश्वास से आगे बढ़े, तो समाज की हर दिशा रोशन हो जाती है।”कार्यक्रम को चर्चा के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें सभी अतिथियों ने “गृह लक्ष्मी स्वाभिमान अभियान” विषय पर अपने विचार साझा किए। सुषमा जैन ने रानी लक्ष्मीबाई और जीजाबाई जैसे ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए बताया कि नारी किसी से कम नहीं है और आज की नारी अपनी पहचान स्वयं बना सकती है।स्नेहांजलि स्वाईने अपने एनजीओ के कार्यों के बारे में बताते हुए महिलाओं को मिलेट्स के महत्व के बारे में जानकारी दी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि गृहणी को केवल घर संभालने वाली महिला के रूप में नहीं बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और अधिकारों से संपन्न एक सशक्त व्यक्तित्व के रूप में देखा जाना चाहिए।परिवार, समाज और प्रशासन — तीनों स्तरों पर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए संवाद को आगे बढ़ाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में मंत्री पूजा जैन ने अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल, सभी अतिथियों तथा उपस्थित सभी बहनों का आभार व्यक्त किया।