तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला  का सफल आयोजन

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अमराईवाडी ओढव।

तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का सफल आयोजन

जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के निर्देशन में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, अमराईवाड़ी द्वारा “तेरापंथ मेरा पंथ” कार्यशाला का सफल आयोजन तेरापंथ भवन, अमराईवाड़ी में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्राध्यापक उपासक डालिमचंद नौलखा का पधारना हुआ। सभा के अध्यक्ष नवरत्न चिप्पड़ ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए सभी का स्वागत किया। तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष अशोक पगारिया ने भी अपने भावपूर्ण वक्तव्य से सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा के मंत्री निर्मल जी ओस्तवाल ने किया। इस अवसर पर अमराईवाड़ी सभा के प्रभारी सुरेश दक की उपस्थिति रही। मुख्य प्रशिक्षक डालिमचंद सा नौलखा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में तेरापंथ धर्म संघ का इतिहास, परंपरा एवं विशिष्टताओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना आचार्य भिक्षु द्वारा की गई थी, जो अनुशासन, एक आचार्य व्यवस्था और शुद्ध साधना पर आधारित है। उन्होंने तेरापंथ के मौलिक सिद्धांतों, मर्यादाओं, साधु-साध्वी परंपरा, श्रावक-श्राविका की भूमिका, तथा धर्मसंघ की संगठनात्मक व्यवस्था को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।