संस्थाएं
‘आरण्य’ का भव्य आयोजन
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद गांधीनगर बेंगलूरु द्वारा त्रिदिवसीय 'आरण्य – द एसेंस ऑफ नेचर' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न शहरों से आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रकृति के बीच में सीखने, जुड़ने और आत्मविकास का अनूठा अनुभव प्राप्त किया। परिषद अध्यक्ष प्रसन्न धोका ने आए हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने किया तथा सभी साथियों के प्रति मंगल कामना व्यक्त की। अभातेयुप संगठन मंत्री रोहित कोठारी, शाखा प्रभारी श्री अमित दक ने अपने उद्बोधन से 'आरण्य' के उद्देश्य और संगठन निर्माण में इसकी भूमिका को स्पष्ट किया। तीन दिनों के दौरान ट्रेकिंग, एस्टेट वॉक, व्यक्तित्व विकास कार्यशाला, टीटीफ प्रशिक्षण, शनिवार सामायिक एवं सामूहिक गतिविधियाँ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। सीपीएस अकादमी प्रभारी दिनेश मरोठी एवं सह प्रभारी सोनू डागा ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए।
टीटीएफ के ग्रीन ब्रिगेड सदस्य प्रांजल दुगड़ ने आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ दिया। शनिवार की सायं 7 से 8 बजे के बीच सभी साथियों के सामायिक कर आध्यात्मिकता का अनुभव किया। समापन समारोह मडिकेरी की घाटियों में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को ट्रेक संपन्नता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। फिट युवा हिट युवा के दक्षिण प्रभारी तरुण पटावरी ने आयोजन की सफलता पर सभी प्रतिभागियों को शुभकामना संप्रेषित की। चौका सत्कार सह प्रभारी गौतम खाब्या ने सभी को लेवल-1 ट्रेक सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। परिषद मंत्री प्रदीप चोपड़ा ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
कार्यक्रम में हैदराबाद, आरआर नगर, एचबीएसटी हनुमंतनगर, तिरुपुर एवं टीकेएम चेन्नई से आए प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आयोजन की सराहना की। संयोजक शमनीष भंसाली एवं सह-संयोजक प्रतीक जोगड़ के कुशल नेतृत्व में यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। यह आयोजन न केवल युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक विकास और आत्मनिर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।