विलक्षण संघ : विलक्षण गुरु

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डॉ. साध्वी परमयशा

विलक्षण संघ : विलक्षण गुरु

आँधियों से कह दो वे औकात में रहें..
हम पेड़ों से गिरने वाले पत्ते नहीं हैं।
A great person
आचार्य महाश्रमण एक ऐसा नाम है, जिनके चारों तरफ महिमा, गरिमा, भव्यता, दिव्यता का दर्शन होता है। ज्योतिचरण जो भी करते हैं चिंतन, मनन, मंथन के साथ करते हैं। यही वजह है यह राष्ट्र, यह देश, यह दुनिया उन्हें श्रद्धा से नमन करती है। 100 year Calendar सिर्फ 100 वर्षों का लेखा-जोखा दे सकता है पर आचार्य श्री महाश्रमणजी के व्यक्तित्व में भगवान ऋषभ से महावीर की हजारों वर्षों की परंपरा प्रतिबिम्बित होती है।
इसलिए कहा गया है -
'मूल्य व्यक्ति का नहीं उसके व्यक्तित्व का होता है।
मूल्य नेता का नहीं उसके नेतृत्व का होता है।
मूल्य वक्ता का नहीं उसके वक्तृत्व का होता है।
मूल्य कर्त्ता का नहीं उसके कर्तृत्व का होता है।'
A Polite person
विनम्रता का वैभव है महामहिम का कर्तृत्व। वे तेरापंथ शासन के सम्राट हैं क्योंकि विनय-विवेक उनके रोम-रोम में बसे हैं। अपने से बड़ों को यूं वंदना करते हैं जिसे देखकर सकल समाज रोमांचित हो जाता है। शासन माता को आप दर्शन देने दिल्ली पधारे जब मस्तक झुकाकर वंदना करना एक ऐसा पहलू था जो जन-मन के अंतस् में बस गया। ऐसे सैकड़ों प्रसंग अद्वितीय असाधारण विनम्रता के इतिहास को स्वर्णाक्षरों से गौरवान्वित करते हैं। विनम्रता को सीखना है तो उसका सर्वोत्कृष्ट उदाहरण होगा जय-जय ज्योतिचरण का जीवन दर्शन।
A Projective Person
एक विशाल विशद प्रोजेक्ट के साथ महामहिम का कारवां जिधर से गुजरता है राहें रोशन हो जाती हैं। राहें नूरानी हो जाती हैं। जंगल मंगल बन जाता है। वह प्रोजेक्ट चाहे अर्हत् - वाङ्‌मय का संपादन हो, जैन दर्शन तेरापंथ दर्शन का हो, इस प्रोजेक्ट ने जन-जन को आकर्षित किया है। गजब के लीलापुरुष हैं आचार्य प्रवर। जिनके पास तीन-तीन आचार्यों के अनुभवों का खजाना है। जिन्हें विरासत में मिली है इस यशस्वी गणनायक गुरुओं की महान परंपरा।।
★ A Happy Person
अहिंसा यात्रा के दौरान जो उतार-चढ़ाव आए, चाहे वह काठमांडू का भूकंप हो या हैदराबाद प्रवास से पूर्व का कोरोना वायरस हो। हर परिस्थिति में गुरुदेव की मन:स्थिति सम स्थिति में रहना एक ऐसा सदाबहार गुलदस्ता है जिसने भी इस गुलदस्ते को देखा वह चकित विस्मित हो गया। परम पावन की मनमोहक मुस्कान प्रतिकूलता में अनुकूलता का अहसास वीतरागकल्प की पारदर्शिता का परिचायक है।
जिसके लिए कहा जा सकता है -
'आंधियों को भी कह दो वे औकात में रहें।
पेड़ों से गिरने वाले हम पत्ते नहीं हैं।।'
A Healthy Person
गुरुदेव जब दोनों हाथ ऊपर करके जयकारा दिलाते हैं, मंगलपाठ फरमाते हैं, तब सुनने वाले श्रावक श्राविकाएं खुशहाल खुशनसीब हो जाते हैं। शक्ति और भक्ति का अहसास करते हैं, पर गुरुदेव का तन-मन रोम-रोम हर धमनी और शिरा रक्त की हर बूंद ताजगी से तंदुरुस्त हो जाती है। ऐसे भाग्यवान गुरु भाग्यशालियों को मिलते हैं।।
An Attractive Person
एक विचारक रॉबिन ने वकालत शुरू की। उसने महान विचारक से पूछा - मुझे क्या करना चाहिए? महान व्यक्तित्व ने कहा - तुम इतने दक्ष बनो कि आपको कोई अनदेखा न कर सके। आपके बिना फर्म का काम न चल सके। भले जैन हो या अजैन, भक्त हो या अभक्त, आस्तिक हो या नास्तिक। जो एक बार महानायक के वचनों को सुन लेता है, उनके करिश्माई प्रभामंडल में आ जाता है, वह सदा-सर्वदा के लिए यों आकृष्ट हो जाता है कि बार-बार दर्शन, देशना व सेवा की चाहत लिए मन-मस्तिष्क में बस जाती है। वंदना अभिवंदना शत-शत बार।।
'जिनके चरण कमल में लक्ष्मी का निवास रहे।
जिनका मुखकमल प्रसन्नता से प्रफुल्ल रहे।
जिनके नयनकमल से अमृत बरसता रहे।
जिनके करकमल से आशीर्वाद मिलता रहे।।