रचनाएं
नेमानंदन को हम आज बधाईं, श्रद्धा से शीश झुकाएं
नेमानंदन को हम आज बधाईं, श्रद्धा से शीश झुकाएं,
झुमर नंदन को हम आज बधाईं भक्ति की भेंट चढ़ाएं
जन्मोत्सव की मंगल बेला मंगल भाव सजाएं।
आस्था का अक्षत ले प्रभु के भाल पे तिलक लगाएं॥ नेमानंदन...
दिव्य लोक से दिव्य संपदा, लेकर देव कुमार,
वैशाख शुक्ला नवमी को, धरती पे लिया अवतार,
तन है कोमल, मन है निर्मल, निश्छल है व्यवहार,
उदितोदित पुण्याई से, हर दिल पे हुए असवार।
भोला बचपन, चंचल चित्तवन, उसमें जागृत थी अवचेतना
सत्यं शिवं सुंदरम् के, साक्षात् रूप बन आए।
जन्मदिवस का शुभ अवसर, स्वस्तिक आज रचाएं॥ नेमानंदन को...
हे युग द्रष्टा तुमने जानी, अंतर मन की पीर।
तेरे श्रम की कहानी है, इस युग की भव्य नजीर।
नशा मुक्त अभियान आपका, युग धारा बदले।
सद्भावों के शतदल, युगो युगो तक रहे खिले।
दिव्य दिवाकर, सौम्य सुधाकर, शारदशशधर, गुणरत्नाकर
ज्योति चरण की परिक्रमा कर, ज्योतिर्मय बन जाएं।
करो अचक्का राज प्रभो! हर दिल की यही दुआएं॥ नेमानंदन को...
तर्ज— कितना सोणा तुझे