जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो!

रचनाएं

मोहन भन्साली, बीकानेर

जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो!

चंदेरी रो लाल, वदना सुत!
झूमर कुल रो मान बढ़ायो,
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो।
असांप्रदायिक धर्म अणुव्रत रो परचम फहरायो,
संस्कार निर्माण में प्रेक्षाध्यान
जीवन विज्ञान रो पाठ पढ़ायो।।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...
संसद रे गलियारे में नैतिकता रो संदेश सुनायो,
दिल्ली रे दरबार में अनुशासन रो गजब वर्ष मनायो।
अशांत विश्व में शांति रो अनुपम पैगाम पहुंचायो,
दुनिया री मीडिया में गौर वर्ण
नाटे कद रो नायक छायो।।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...
हे कुंभकार! गांव रे नत्थू ने भगवान बणायो,
विनयवान मुनि मुदित ने जगत में पुजायो,
शासन माता, साध्वीप्रमुखा ने शिखरां चढ़ायो,
संघीय संपदाओं री श्रीवृद्धि में
अनोखो इतिहास रचायो।।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...
हे युगदृष्टा!
नारी रो उत्थान कर जग रो कल्याण करयो,
शिक्षा और प्रगति पथ पर
रुढ़िवाद समाज रो उदार करयो,
समण श्रेणी, उपासक
और जैन संस्कारक रो उद्भव करयो,
घोर विरोधी!
श्रद्धालु बन श्रीचरणों में जीवन सफल बनायो।।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...
अकल्पनीय अवदानों रो स्वर्णिम युग दिखायो,
साहित्य और संगीत सम्राट आगम रो सम्मान बढ़ायो,
पद विसर्जन रो अदम्य साहस
स्वर्णाक्षरों में अंकित हुयो,
सिरियारी रो तीर्थधाम श्रद्धावान रो
तीर्थ स्थल कहलायो।।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...
हे धर्म चक्रवर्ती सम्राट!
सेवा सुश्रुषा रो राजमार्ग बनायो,
शक्तिपीठ, गंगाणे रो '
अदृश्य शक्तिपुंज' नैया पार लगायो,
कहत 'मोहन' ज्योतिर्मय तुलसी
'मानव मसीहा' कहलायो,
साधना रो शिखर पुरुष तुलसी दीक्षा शताब्दी
रो वर्ष मनायो।
भैक्षव गण रो सरताज,
जैन शासन रो बहुमान बढ़ायो...