आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

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मालाड़, मुंबई

आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी विद्यावतीजी' द्वितीय आदि ठाणा 5 के पावन सानिध्य में आचार्य तुलसी का दीक्षा शताब्दी समारोहआयोजित किया गया। तत्पश्चात् तेरापंथ युवक परिषद ने मंगलाचरण का संगान किया। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष गणेशलाल कोठारी ने स्वागत वक्तव्य दिया। मंत्री सुरेश धोका, अ.भा.म.मंडल सें महामंत्री श्रीमती रचना हीरण आदि वक्ताओं ने विचार व्यक्त किये। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने संवाद के माध्यम से प्रस्तुति दी। तेरापंथ किशोर मंडल द्वारा एक अभिनव रोचक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। तेरापंथ महिला मंडल ने आचार्य तुलसी द्वारा रचित गीतों के माध्यम से काव्य धारा प्रस्तुति दी। साध्वी प्रियंवदाजी ने कहा- आचार्य तुलसी का जीवन विलक्षण विविधताओं का समवाय था 'उन्होंने अणुव्रत आंदोलन का प्रवर्तन कर अभिनव धर्मक्रांति की। साध्वी विधावतीजी ने कहा- आचार्य तुलसी तेरापंथ धर्मसंध के नवमाधिशास्ता थे अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान एवं जीवन विज्ञान उनके शासन काल की ऐसी उपलब्धि में है जो चिरकाल तक अशांत और तनावग्रस्त मनुष्यों के लिए वरदान तुल्य बनी रहेगी। साध्वीश्जी ने तुलसी दीक्षा शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में उपस्थित जनमेदिनी को संकल्प ग्रहण करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर साध्वी प्रेरणाश्रीजी ने कविता एवं साध्वी मृदुयशाजी ने मुक्तक प्रस्तुत किये। नगरसेविका योगिता कोली. पूर्व नगरसेविका दक्षा पटेल एवं सुनील कोली ने भी विचार व्यक्त किये एवं सामू‌हिक रूप में सभी ने जप करके तुलसी के प्रति श्रद्धांजली अर्पित की। आभार ज्ञापन हितेश छाजेड ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.साध्वी श्री ऋद्धियशाजी ने किया।