हिंदू समाजोत्सव का विशेष कार्यक्रम आयोजित

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बेंगलुरू।

हिंदू समाजोत्सव का विशेष कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चामराजपेट द्वारा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में श्री सिद्ध मठ आश्रम के सामने हिंदू समाजोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान शिष्य डॉ मुनि पुलकित कुमारजी ने कहा भारतीय संस्कृति में कृषि और ऋषि दोनों का बहुत सम्मान है। कृषि से जीवन चलता है तो ऋषि मुनि समाज को मार्गदर्शन देने का कार्य करते हैं,भटके हुए को सही मार्ग पर लाते हैं। भारत की अखंडता के लिए ऋषियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा था, है और आगे भी रहेगा। जैन समाज के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित मुनिश्री पुलकित कुमारजी ने आगे कहा जैन समाज सदैव भारत की एकता व अखंडता के लिए तत्पर रहा है जैन धर्म ने भाषा और जाति के आधार पर कभी विभाजन नहीं होने दिया। भारत की एकता को बनाए रखना आज की परम आवश्यकता हो गई है , विभाजनकारी प्रवृत्ति को दूर रखा जाए यही वर्तमानसमय की जरूरत है। मुनि परम यशविजयजी ने कहा भारत माता का वही सपूत कहलाता है जिसने आत्म सनातन धर्म तत्व को पहचाना है। सनातन का मतलब है - शाश्वत आत्मगुणों का विकास ही हमारा सनातन धर्म होना चाहिए।