सर्व धर्म सद्भावना महामंगल मैत्री समारोह का हुआ आयोजन

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चेम्बूर, मुंबई।

सर्व धर्म सद्भावना महामंगल मैत्री समारोह का हुआ आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि अनंत कुमार जी एवं मुनि जैनमकुमार जी भिक्कू संघाज यूनाइटेड बुद्धिस्ट मिशन के पूज्य डॉक्टर भदंत राहुल बोधि जी के 75 में अमृत महोत्सव जन्मदिन के उपलक्ष में आयोजित सर्वधर्म सद्भावना समारोह में तेरापंथ धर्म संघ का प्रतिनिधित्व किया। मुनि अनंत कुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में मुख्यतः दो धाराएं है। वैदिक संस्कृति एवं श्रवण संस्कृति श्रमण संस्कृति के अंतर्गत बौद्ध एवं जैन धर्म का समागम होता है ।भगवान महावीर और महात्मा बुद्ध भी समकालीन थे। दोनों के जीवन सूत्र पढ़ते हैं तो समान से लगते हैं।
महात्मा बुद्ध कहते थे अप्प दीवो भव:और भगवान महावीर का उपदेश था अप्पणा सच्च में सेज्जा। मुनिश्री ने भदंत राहुल बोधि को इस समारोह के संबंध उनके साधना के प्रति अनुमोदन करते हुए कहा कि राहुल बोधि ने अपने गुरु के प्रति समर्पण किया। उन्होंने अपने जीवन में 8000 से अधिक प्रवचन किए हैं। अनेक देशों में मानवता का मिशन लेकर घूमे हैं। 1996 में कनाडा में भी महात्मा बुद्ध के अवशेष लेने के जाने वाली टीम में आपको बौद्ध धर्म की ओर से भेजा था।
मुनिश्री ने कहा कि मुझे याद है कि इस कार्यक्रम में क्रिश्चियन धर्म की ओर से फादर माइकल रोझारीयो,हिंदू धर्म की ओर से स्वामी सद्गुरु मंगेश दा, ब्रह्माकुमारी सखु दीदी, ब्रह्मा कुमारी प्रतिभा बहन ,स्वामी गुरुनाथ बालाजी ,स्वामी गोविंद गिरी महाराज एवं बौद्ध संप्रदाय से अरुणाचल से अनिरुद्धा, तेरापंथ समाज की ओर से ख्यालीलाल तातेड ,नरेंद्र तातेड, जीतू भाई भाभेरा, राजकुमार चपलोत, ताराचंद गन्ना , लक्ष्मण कोठारी, ललित लोढ़ा आदि भी उपस्थित थे। महाराष्ट्र सरकार के केबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा की विशेष उपस्थिति थीं।इस कार्यक्रम की रूपरेखा में मुख्यतः भूमिका राजकुमार चपलोत की रही है।