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नवनिर्मित तेरापंथ भवन का भव्य लोकार्पण
सूर्य नगर स्थित नवनिर्मित तेरापंथ भवन का भव्य उद्घाटन बहुश्रुत मुनिश्री उदित कुमार जी स्वामी के पावन सान्निध्य में महासभा के अध्यक्ष महेंद्र नाहटा द्वारा अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातःकाल प्लैटिनम वैली इंटरनेशनल स्कूल से प्रारंभ हुआ भव्य जुलूस पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना गया। मंगलगीतों, जयघोषों और श्रद्धा से भरे भावों के साथ समाजजन तेरापंथ भवन तक पहुँचे। विधिवत् उद्घाटन के पश्चात आयोजित कार्यक्रम का प्रारंभ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथ सभा गाजियाबाद के अध्यक्ष सुशील सिपानी ने अपने स्वागत भाषण में सभी की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। जयसिंह दुगड़ आदि ने साध्वी श्री संघमित्रा जी द्वारा रचित गीतिका का सुमधुर संगान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा शाहदरा के मंत्री सुरेश भंसाली, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गांधीनगर के अध्यक्ष निर्मल छलाणी, तेरापंथ युवक परिषद दिल्ली के अध्यक्ष पवन श्यामसुखा, तेरापंथ युवक परिषद गांधीनगर के अध्यक्ष क्रांति बरडिया, विकास मंच के मंत्री दिनेश डूंगरवाल, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गाजियाबाद के प्रबंध न्यासी भीकमचंद सुराणा, जैन श्वेतांबर तेरापंथ महासभा के अध्यक्ष महेंद्र नाहटा, महासभा के उपाध्यक्ष संजय खटेड़, आदि की उपस्थिति रही। समाज के वरिष्ठ व्यक्तित्व जीतमल चौरडिया भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अपने ओजस्वी एवं हृदयस्पर्शी उद्बोधन में मुनिश्री ने कहा—'धार्मिक स्थिति को सुदृढ़ करने तथा नियमित धार्मिक क्रियाओं को गति प्रदान करने में एक धार्मिक स्थल की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब दूसरों से उनका स्थान मांग कर कोई कार्यक्रम करते हैं, वहा कार्यक्रम तो हो जाता है यदि वही कार्यक्रम यदि समाज अपने भवन में करता है वह सामाजिक दृष्टि से अधिक गरिमा पूर्ण बन जाता है। मुनिश्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह भवन अब समाज का अपना घर है।
इसकी वास्तविक सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब यहाँ अधिक से अधिक धार्मिक गतिविधियाँ, स्वाध्याय, साधना और संस्कारमय आयोजन होंगे। केवल भवन का निर्माण हो जाना ही पर्याप्त नहीं; उसे जीवंत बनाना समाज का दायित्व है। मुनि ज्योतिर्मयकुमार जी ने भी अपने प्रासंगिक विचार रखें। अंत में गाजियाबाद सभा के मंत्री रमेश बैंगानी ने आभार ज्ञापन किया। मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन दिल्ली सभा के महामंत्री प्रमोद घोड़ावत ने किया।