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विशेष कार्यशाला का हुआ आयोजन
आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्या साध्वी संयमलता जी ठाणा (4) के सानिध्य में अपनी आभा को शुद्ध करें- एक विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ। प्रशांत (6) और तविश (4) ने भी इस कार्यशाला में भाग लिया। प्रशिक्षिका पूजा गुगलिया एवं रेणु कोठारी ने आभा का मतलब, वह कैसे काम करता है, उसका प्रभाव और उसे कैसे शुद्ध करें के बारे में अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने दो छोटे-छोटे प्रेक्षाध्यान के प्रयोग भी करवाए। साध्वी मार्दवश्री जी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए आभा का महत्व बताया। साध्वी संयमलता जी ने अपने उद्बोधन में कहा– स्मार्ट(smart) दिखना चाहते हैं या बनना? इसकी व्याख्या करते हुए कहा स्मार्ट दिखने के लिए तो स्मार्ट मोबाइल या महंगा मोबाइल का उपयोग करते हैं, स्मार्ट बनने के लिए एक स्माइल (smile) काफी है। स्माइल से हमारी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है उससे हमारी आभा शुद्ध होती है।
प्रेक्षावाहिनी सह संचालक महावीर मूथा ने अपने अनुभवों और अपनी प्रेक्षाध्यान की यात्रा के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने शारीरिक लाभ का उल्लेख किया– जैसे Vertigo, Psoriasis ठीक हो गए। उनकी तपस्या के प्रति रुचि और क्षमता बढ़ती गई। तेरापंथ सभा गांधीनगर मंत्री विनोद छाजेड़ ने साध्वीश्री जी के स्वस्थ स्वास्थ की मंगल कामना करते हुए गांधीनगर भवन पधारने हेतु निवेदन किया। महावीर मुथा के तपस्या की अनुमोदना की एवं प्रेक्षा प्रशिक्षिका पूजा गुगलिया एवं रेणु कोठारी के श्रम की सराहना की। इस अवसर पर नवीन सिरोहिया, अशोक कोठारी भी उपस्थित थे। अंत में प्रेक्षावाहिनी संचालक राखी नाहर ने आभार प्रकट किया।