78वें अणुव्रत स्थापना दिवस पर विभिन्न आयोजन

संस्थाएं

हिंदमोटर

78वें अणुव्रत स्थापना दिवस पर विभिन्न आयोजन

अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में 78 वाँ अणुव्रत स्थापना दिवस अणुव्रत समिति हावड़ा, कोलकाता एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा हिंदमोटर द्वारा रिजेंट गंगा' के कम्युनिटि हॉल में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर अणुविभा के प्रचार-प्रसार मंत्री पंकज दुधेड़िया भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमार जी ने कहा-अणुव्रत आंदोलन संयम का मार्ग दिखाता है। अणुव्रत साधना का पथ है। अणुव्रत केवल आचार संहिता ही नहीं अपित, पूरा जीवन दर्शन है। अणुव्रत जीवन जीने की कला है। | अणुव्रत एक नैतिक आंदोलन है। आचार्या श्री तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के जरिये गरीब की झोपड़ी से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पद‌यात्रा कर नैतिकता की अलख जगाई । अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से उन्होंने सामाजिक कुरिधियों व अंधविश्वासों पर प्रहार किया। अणुव्रत का अर्थ है-जीवन शुद्धि की न्यूनतम आचार-संहिता । अणुव्रत का मुख्य उद्देश्य है- साम्प्रदायिक सौहार्द, नैतिकता व भाईचारा का विकास । मुनि जिनेश कुमारजी ने आगे कहा आज अणुव्रत आंदोलन का 78 वाँ स्थापना दिवस है। अणुव्रत आंदोलन का शुभारंभ। मार्च 1948 को सरदारशहर में आचार्य श्री तुलसी के द्वारा हुआ। वर्तमान में अणुव्रत की प्रासंगिकता उपादेय है। अणुव्रत के नियम को जीवन में अपनाएँ। इसके नियमों का पालन किसी भी जाति, धर्म का व्यक्ति कर सकता है। विश्व को शांति के लिए अणुबम की नहीं अणुव्रत की आवश्यकता है। आभार ज्ञापन अणुव्रत समिति, कोलकाता के अध्यक्ष नवीन दुगड़ व हिन्दमोटर सभा के मंत्री मनीष रांका ने दिया। संचालन मुनि परमानंद जी ने किया।