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78वें अणुव्रत स्थापना दिवस पर विभिन्न आयोजन
अणुविभा के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, चेन्नई की आयोजना में 78वा अणुव्रत स्थापना दिवस साध्वी सोमयशाजी, साध्वी उदितयशाजी के सान्निध्य में कोला सरस्वती विद्यालय में मनाया गया। नमस्कार महामंत्र समुच्चारण के साथ कार्यक्रम में साध्वी सोमयशाजी ने कहा कि भारतीय संस्कृती व्रत, त्याग प्रधान संस्कृती है। सामाजिक नियम जहां बाह्य जगत को प्रभावित करते है, वही आध्यात्मिक व्रत चेतना का उर्द्वारोहण करता है, भीतरी शक्ति का संचरण करता है। अणुव्रत के छोटे-छोटे नियम व्यक्ति के जीवन को सुधारते है, विकासोन्मुखी बनाते हैं। साध्वी उदितयशाजी ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी विचारक से ज्यादा दृष्टा थे। समय की नब्ज को पहचान कर कार्य करने वाले थे। उसी के आधार पर समाज संरक्षण उपयोग के लिए, मानव में मानवता के प्राण प्रवाहन, प्रतिष्ठापन के लिए अणुव्रत आंदोलन का प्रर्वतन किया। शरीर आत्मा का आवरण है, उसी तरह 'व्रत आवरण है, जीवन का सुरक्षा अध्यक्षा श्रीमती सुभद्रा लुणावत ने स्वागत स्वर प्रस्तुत किया। मंत्री कुशल बांठिया ने धन्यवाद ज्ञापन और उपाध्यक्ष स्वरुपचन्द दाँती ने कार्यक्रम का संचालन किया।