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अणुव्रत काव्य धारा का हुआ आयोजन
चेन्नई। आचार्य तुलसी द्वारा अणुव्रत आंदोलन प्रवर्तन की 78वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अणुव्रत समिति और जैन लेखक मंच, तमिलनाडु के संयुक्त तत्वावधान में काव्य धारा कार्यक्रम समायोजित हुआ। तीर्थंकर स्तुति से प्रारंभ कवि सम्मेलन में मंच अध्यक्ष एम. गौतमचंद बोहरा (सीए) ने अणुव्रत आंदोलन को मानव मात्र के लिए हितकारी बताया। अणुव्रत अध्यक्षा सुभद्रा लुणावत ने कहा कि अणुव्रत आंदोलन को आगे बढ़ाने में लेखकों और कवियों का योगदान भी जुड़ा है। साहित्यकार डॉ. दिलीप धींग ने ‘देश, जाति, वर्ण, पंथ से ऊपर आदमी है, आदमी को आदमी का ध्यान होना चाहिए’ छंद सुनाकर राजस्थानी गीत सुनाया। वरिष्ठ गीतकार नैनमल जैन, अमित मरडिया, केवल कोठारी, जयंतीलाल ‘जागरुक’, मनोहर ‘महक’ और सरिता सरगम ने अणुव्रत मूल्यों से अनुप्राणित रचनाओं का पाठ किया। काव्य गोष्ठी का संचालन शिल्पा बंब जैन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मंत्री कुशल बांठिया ने दिया।