होली पर सिद्ध मंत्रों का अनुष्ठान

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बंगाईगाँव (दक्षिण)।

होली पर सिद्ध मंत्रों का अनुष्ठान

तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम अधिशास्ता महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान् सुशिष्य मुनि आनंद कुमार जी 'कालू' एवं सहवर्ती मुनि विकास कुमार जी के पावन सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, बंगाईगांव दक्षिण के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल भवन में होली चातुर्मास का कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि श्री के महामंत्रोच्चार से हुआ। तत्पश्चात मुनि श्री ने होली चातुर्मास सिद्ध मंत्रो के साथ सामूहिक श्रावक-श्राविकाओं को जप अनुष्ठान बड़े रोचक ढंग से करवाया। मुनि आनंद कुमार जी 'कालू' ने अपने मंगल पाथेय में फरमाया कि भारतीय संस्कृति में होली केवल रंगो का त्योहार नही बल्कि यह आत्मा के परमात्मा से मिलन और अहंकार के विसर्जन का एक महान अनुष्ठान है। यह पर्व सदैव आत्म- शुद्धि और सामाजिक समरसत्ता को सुदृढ़ करने का एक पावन अवसर है। इतिहास गवाह है कि होली चातुर्मास का आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व अत्यंत गहरा है। मुनिश्री ने जैन तेरापंथ धर्म संघ में होली चातुर्मास का विशेष महत्व बताया है। यह त्यौहार सभी श्रावक समाज में एकता के रंग की और गहराता है, यह पावन पर्व आनंद भरा उत्सव है और इसे मनाने से नए उत्साह का संचार होता है। मुनिश्री ने कहा कि होली मेल मिलाप के भाव के साथ पारस्परिकता का भी संदेश देता है। तेरापंथी सभा बंगाईगांव दक्षिण के उपाध्यक्ष हनुमानमल नाहटा ने स्वागत भाषण में होली की शुभ कामना दी। तेरापंथ महिला मंडल बंगाईगांव दक्षिण की बहनों द्वारा सामूहिक लाल परिधान में रंगों का त्यौहार होली पर भावपूर्ण गीतिका की प्रस्तुति दी। मुनि विकास कुमार जी ने 'होली आयी रे खुशियां री भर-भर होली ल्यायी रे' भावपूर्ण गीतिका की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा नाटक की प्रस्तुति हुई । जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के कार्यकारिणी सदस्य प्रकाश बैद, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की कार्यकारिणी सदस्य सोनिका पारख ने होली पर शुभकामना देते हुए अपने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल व सफल संचालन डोली नाहटा व आभार ज्ञापन जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के असम आंचलिक प्रभारी सुशील भंसाली ने किया।