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अणुव्रत संसदीय मंच संगोष्ठी सम्पन्न
अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में नई संसद भवन स्थित G-074, Parliament Library Building में आयोजित 'अणुव्रत संसदीय मंच संगोष्ठी' सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई। 'विकसित भारत के निर्माण में अणुव्रत –'नैतिक राष्ट्र की आधारशिला' विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में देश के नीति-निर्माताओं, संतों एवं चिंतकों ने सहभागिता कर नैतिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ति शासनश्री मुनि विमलकुमार जी ठाणा-4 एवं सुशिष्य डॉ. मुनि अभिजीत कुमार जी ठाणा -2 का प्रेरणादायी सान्निध्य प्राप्त हुआ। अपने उद्बोधनों में उन्होंने अणुव्रत के सिद्धांतों को आधुनिक जीवन एवं शासन व्यवस्था में अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नैतिकता ही विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला बन सकती है। भारत सरकार के केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री,अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक माननीय अर्जुनराम मेघवाल ने अणुव्रत संसदीय मंच के विजन और मिशन को प्रस्तुत करते हुए 'विकसित भारत और अणुव्रत ' संकल्प से सिद्धि तक की रूपरेखा प्रस्तुत की। आपने अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण जी सानिध्य में लाडनू में सांसद सम्मेलन व दिल्ली में संसद भवन में संसदीय मंच संगोष्ठी हेतु मनोभाव व्यक्त किये। इस संगोष्ठी में माननीय वी. सोमन्ना (रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री) सहित अजय भट्ट नैनीताल-उत्तराखंड, गोविन्द कारजोल कर्नाटक, दर्शन सिंह चौधरी मध्यप्रदेश, रामचन्द्रा जांगडा हरियाणा, सतीश गौतम उत्तरप्रदेश , डी के अरूना तेंलगाना, रमिलाबेन गुजरात आदि विभिन्न राज्यों के सांसदों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रबुद्ध वक्ताओं ने अणुव्रत आंदोलन को समाज में नैतिक जागरण का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता व्यक्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि मधुर कुमार जी, मुनि अक्षय कुमार जी व मुनि धन्य कुमार जी व मुनि जागृत कुमार जी द्वारा अणुव्रत गीत से हुआ। विद्वत मुनिश्री गण के प्रवचन, प्रेरणा पाथेय एवं सांसद जिज्ञासा समाधान ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। अणुविभा के मुख्य न्यासी श्री तेजकरण सुराणा ने अणुव्रत आचार संहिता का वाचन किया। अणुविभा अध्यक्ष प्रतापसिंह दुगड ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विषय की सशक्त प्रस्तुति करते हुए अणुव्रत की बात स्वागत स्वरों के साथ रखी। निवर्तमान अध्यक्ष अविनाश नाहर ने ओजस्वी स्वरों विषय कि अभिव्यक्ति दी।अणुविभा उपाध्यक्ष व योगक्षेम वर्ष संयोजिका डॉ. कुसुम लुनिया द्वारा प्रभावी संचालन किया गयाआभार ज्ञापन सुरेन्द्र नाहटा द्वारा किया गया। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष प्रतापसिंह दुगड़ एवं संयोजक अर्जुनराम मेघवाल ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी विकसित भारत के नैतिक स्वरूप को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। मुनि विमलकुमार जी के मंगलपाठ से कार्यक्रम संपूर्ण हुआ।