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267वें आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर विविध आयोजन
भिक्षु के प्रतिरूप आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्रीजी ने नमस्कार महामंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा जेतसिंह जी छतरीयों से आचार्य भिक्षु ने एक नया अभियान शुरू किया। पौरूष की स्याही से उन्होंने वक्त के फलक पर नया अभिलेख लिखा गुरु की आक्रोषपूर्ण वाणी को भी उन्होंने आशीर्वाद रूप में स्वीकार किया निरंतर आचार् शुद्धि की अलख जगाई। प्रबुद्ध साध्वी योगक्षेमप्रभा जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा राजनगर के घटनाक्रम में बगड़ी के अभिनिश्रमण की भूमिका रची साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर आचार्य भिक्षु ने नया सृजन कर दिया। साध्वी लावण्य प्रभा जी ने आचार्य भिक्षु के जीवन की कठिनाइयों को घटनाओं से समझाया। साध्वी मुदित प्रभा जी ने भिक्षु स्तुति के साथ मंगलाचरण किया। साध्वी मधुरप्रभा जी ने मधुर गीत का संगान किया। भिक्षु महाश्रमण फाउंडेशन के भवन में 13 घंटे का जप चला मंच संचालन साध्वी कुंदनयशl जी ने किया। वाशी सभा मंत्री पवन परमार भिक्षु महाश्रमण फाउंडेशन के अध्यक्ष कमलेश बोहरा, वाशी महिला मंडल अध्यक्षl स्वीटी खांटेड,वरिष्ठ उपासक सोहनलाल कोठारी ने अपने उदगार व्यक्त किये।