267वें आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर विविध आयोजन

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गांधीनगर, बेंगलुरु

267वें आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर विविध आयोजन

युगप्रधान शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमण जी के विद्वान सुशिष्य डॉ मुनि पुलकित कुमार जी ठाणा 2 के मंगल सानिध्य में शांतिनगर हेरिटेज सिग्नेचर अपार्टमेंट में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गांधीनगर द्वारा आचार्य श्री भिक्षु का 267वां अभिनिष्क्रमण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुनि पुलकित कुमार ने कहा आज के दिन आचार्य श्री भिक्षु के कदम अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़े थे। वें आत्म आराधना के प्रति जागरूक साधक थे। चैत्र शुक्ला नवमी के दिन उन्होंने भगवान महावीर की सत्य वाणी को सामने रखकर धर्म क्रांति के लिए राजस्थान के बगड़ी गांव में प्रस्थान अर्थात् अभिनिष्क्रमण किया था। मुनि श्री ने आगे कहा आचार्य श्री भिक्षु ऐसे महापुरुष थे जिनके पुरुषार्थ से तेरापंथ चमक उठा, उन्होंने शुद्ध आचार और सम्यक विचार की धर्म क्रांति की, इसी का परिणाम है तेरापंथ का उदय । उन्होंने साधुओं की आचार शिथिलता पर प्रहार किया। अनेक संघर्षकारी परिस्थितियों में भी उनकी कलम चलती रही जिसे हम आज भिक्षु ग्रंथ रत्नाकर के रूप में देख रहे हैं उन्होंने 38000 पद्य रचनाओं के माध्यम से आचार की चौपाई, अनुकंपा दान दया की चौपाई आदि अनेक सम्यक्त्व को मजबूत करने वाली रचनाओं को जनता के सामने प्रस्तुत किया । मुनि आदित्य कुमार ने भक्ति गीत के माध्यम से विचार रखें। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दक्षिण कर्नाटक आंचलिक महासभा प्रभारी महेंद्र दक ने कहा आचार्य श्री भिक्षु के सिद्धांतों को हर श्रावक समझने का प्रयास करें। तेरापंथ दर्शन अपने आप में नया दर्शन है इसे समझने से कोई भी व्यक्ति जीवन में भटक नहीं सकता। महेंद्र दक ने बताया मुनि पुलकित कुमार जी बेंगलुरु के उपनगरों में विचरण करते हुए अच्छी सार संभाल कर रहे हैं आने वाले समय में इसकी सार्थकता रहेगी। महिला मंडल शांति नगर की बहनों द्वारा मंगलाचरण के रूप में भिक्षु अष्टकम् की प्रस्तुति दी गई। प्रज्ञा संगीत सुधा के सदस्यों ने भिक्षु भक्ति गीत प्रस्तुत किया। सभा उपाध्यक्ष दिनेश पोखरणा ने स्वागत वक्तव्य दिया । सभा मंत्री विनोद छाजेड़ ने मुनि श्री की सम्पूर्ण बैंगलोर की सार संभाल की जानकारी प्रदान की । कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र घोषल से गीतिका प्रस्तुत कर सबके प्रति आभार ज्ञापन किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री विनोद छाजेड़ ने किया।