‘कैसे करें स्मृति का विकास’ कार्यशाला का आयोजन

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उत्तर कोलकाता।

‘कैसे करें स्मृति का विकास’ कार्यशाला का आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में 'स्मृति विकास'कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ युवक परिषद् उत्तर कोलकाता द्वारा विनायक एन्क्लेव में कम्युनिटी हॉल में किया गया। जिसका विषय था-कैसे करें स्मृति का विकास'कार्यशाला में अच्छी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे। इस अवसर पर उद्‌बोधन प्रदान करते हुए मुनि जिनेश कुमार जी ने कहा- जीवन की सफलता का मुख्य आधार है - स्मृति विकास । हमारा मस्तिष्क चैतन्य शक्ति का अक्षय भंडार है। यह किसी सुपर कम्यूटर से कम नहीं है। विस्मृति वर्तमान की ज्वलंत समस्या है। इस समस्या से हर वर्ग, हर जाति, हर सम्प्रदाय के लोग ग्रसित है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सकारात्मक सोच, जप, तप, ध्यान भोजन विवेक आदि कि प्रयोग कारगर सिद्ध हो सकते हैं। स्मृति विकास के लिए महाप्राण ध्वनि, ज्ञान केन्द्र पर पीले रंग का ध्यान, दीर्घ श्वास प्रेक्षा, ज्ञान मुद्रा, ताडासन, कोणासन, पाद हस्तासन समपादासन, शशांक आसन, सर्वेन्द्रिय संयम मुद्रा आदि के प्रयोग महत्त्वपूर्ण है। ॐ ऐं ऊं, ऊँ नमो नमस्य का जप अध्ययन में निरंतरता व प्रसन्नता का भाव भी स्मृति विकास में सहयोगी होता है। मुनिश्री ने स्मृति विकास के लिए ध्यान के प्रयोग कराते हुए पावन प्रेरणा प्रदान की। सहमंत्री विरेन्द्र विनायक ने आभार व्यक्त किया।