आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 17वें महाप्रयाण दिवस पर विविध कार्यक्रम

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आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 17वें महाप्रयाण दिवस पर विविध कार्यक्रम

आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी सत्यप्रभा जी के सान्निध्य में तेरापंथ के दशम अधिशास्ता आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी की 17 वीं पुण्यतिथि का आयोजन स्थानीय पुराणा ओसवाल भवन जसोल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ महिला मंडल ने महाप्रज्ञ अष्टकम से की। शासनश्री साध्वी सत्यप्रभाजी ने अपने प्रेरक उद्धबोधन में कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ प्रतिभा के अलौकिक अवतार थे। प्रज्ञा के महासूर्य थे। आपकी प्रज्ञा प्रकाश में अज्ञान तीमस्रा का नाश हुआ। आपके हर वाक्य संतप्त मानव जाति को शांति का निर्जर प्रदान किया। जैन आगमो के कुशल भाग्यकार एवं व्याख्याकार थे। साध्वी ध्यानप्रभा जी, साध्वी श्री श्रुतप्रभा जी ने आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के कुशल कृतत्व व्यक्तित्त्व को उजागार किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष भूपतराज कोठारी, ज्ञानशाला प्रभारी डूंगरचंद सालेचा, महासभा संभाग प्रभारी गौतमचन्द सालेचा आदि प्रबुद्ध नागरिको ने आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के प्रति भावांजलि व्यक्त की। तेरापंथ महिला मंडल व तेरापंथ कन्या मंडल ने सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। साथ ही ज्ञानशाला के नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा शानदार सुंदर नाटक की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन संपतराज चौपड़ा व कान्तिलाल ढ़ेलडिया ने किया।