आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 17वें महाप्रयाण दिवस पर विविध कार्यक्रम

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आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 17वें महाप्रयाण दिवस पर विविध कार्यक्रम

तेरापंथ भवन के आध्यात्मिक प्रांगण में दशम आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का 17वा महाप्राण दिवस उपासक कमलजी कुहाड़ एवं प्रेक्षा ध्यान प्रवक्ता ममताजी गोलेछा के द्वारा मनाया। राजेश बाफना ने बताया तेरापंथ के दशम आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का 17वाँ महाप्राण दिवस कार्यक्रम का प्रारंभ नमस्कार महामंत्र से किया। उपासक कमलजी कुहाड़ ने कहा आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी एक दार्शनिक महापुरुष हुए उनका जीवन सरल विनम्र ओर सद्गुणों से भरा था छोटी उम्र में तेरापंथ के अष्टम आचार्य श्री कालुगणि के पास दीक्षित हुए ओर मुनि नथमल बने शिक्षा मुनि तुलसी के पास ग्रहण की। कुछ समय बाद नवम आचार्य श्री तुलसी के साथ रहकर अपने चारित्र संयम जीवन को उतरोतर आगे बढाया। आचार्य श्री तुलसीगणी ने कहा मुनि नथमलजी दो कार्य पर ध्यान देना। जीवन उपयोगी 'आध्यात्मिक ज्ञान साहित्य लेखन कार्य, एवं अच्छा व स्वास्थ जीवन जीने के प्रयोग जो स्वयं के लिए व जन मानस उपयोगी बने वैसा कार्य करे। तब आपने प्रेक्षा ध्यान कायोत्सर्ग योग का विशेष प्रयोग कर स्वयं आत्मा से साक्षात्कार किया।