संस्थाएं
आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 17वें महाप्रयाण दिवस पर विविध कार्यक्रम
आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी राकेशकुमारीजी आदि ठाणा 4 के पावन सानिध्य में विलेपार्ले गोंयल भवन में तेयुप के तत्वावधान में आचार्य श्री महाप्रज्ञजी का 17 वां महाप्रयाण दिवस मनाया गया। तेरापंथ महिला मंडल के मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। साध्वी राकेश कुमारीजी ने प्रेक्षाप्रणेता आचार्यजी महाप्रज्ञजी को श्रद्धासुमन अर्घ्य चढ़ाते हुए सामूहिक गीत प्रस्तुत करते हुए कहा- अतीन्दिय ज्ञान के धनी युगप्रधान आचार्य श्री महाप्रज्ञजी की यशोमय यशकीर्ती गौरव गाथा सौरभ विश्व को सुरभित करती रहेगी। सदिया-२ यशकीर्ती की पताकाए फहराती रहेगी और यशोगाथाएं ब्रह्माण्ड में अनुगुंजित होती रहेगी। आप एक सिद्ध पुरुष थे। अपने उदात्त व्यक्तित्व, यशस्वी कर्तृत्व तथा साधना की तेजस्विता की स्याही विश्व के भाल पर जो आलेख लिखे उन पर समग्र विश्व को गौरव व गर्व की अनुभूति होती है और ज्ञान की रश्मीया से सम्पूर्ण विश्व लाभान्वित हो रहा है।