Think Different Workshop का हुआ भव्य आयोजन

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विजयनगरम।

Think Different Workshop का हुआ भव्य आयोजन

JITO व तेरापंथ युवक परिषद विजयनगरम के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय Think Different Workshop का समापन मुनि जयेश कुमारजी के प्रेरक उद्बोधन के साथ हुआ। विशेष रूप से 13 से 45 वर्ष के युवाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यशाला में मुनिश्री ने सफलता के व्यावहारिक और आध्यात्मिक सूत्रों पर प्रकाश डाला। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुनि जयेश कुमार जी ने कहा कि आज के इस तेज़ी से बदलते युग में व्यक्ति नई सोच के बिना आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा, 'मनुष्य का जन्म कुछ नया करने के लिए हुआ है, और नया करने के लिए पहले कुछ अलग सोचना (Think Different) जरूरी है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि एक साधारण कार्य को भी असाधारण उत्कृष्टता तब मिलती है, जब उसे करने वाले की सोच में नयापन और गहराई हो।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म केवल लकीर का फकीर बनने के लिए नहीं, बल्कि कुछ नया और मौलिक करने के लिए हुआ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी कार्य को असाधारण उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए व्यक्ति की 'अलग सोच' ही सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब हम लीक से हटकर सोचते हैं, तभी एक सामान्य कार्य भी अद्वितीय बन जाता है। सफलता और सुख के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मुनिश्री ने एक महत्वपूर्ण सूत्र दिया। उन्होंने कहा, 'यद्यपि छोटी-छोटी चीजें खुशियां देती हैं, लेकिन बिना कुछ बड़ा किए जीवन में महानता हासिल नहीं की जा सकती।' उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि असाधारण सफलता की प्राप्ति के लिए अक्सर छोटी-छोटी क्षणिक खुशियों का बलिदान देना अनिवार्य होता है। इतिहास गवाह है कि हर महान व्यक्ति ने अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर ही शिखर को छुआ है। इस कार्यशाला में 'Am I what I Think I Am?', 'Can I What I Think I Can?' और 'Will I be what I'm Meant to be?' जैसे विषयों के माध्यम से युवाओं की वैचारिक उलझनों का समाधान किया गया।
मुनिश्री ने अंत में आशा व्यक्त की कि यहाँ प्राप्त संबोध युवाओं के भीतर न केवल नई सोच का जागरण करेगा, बल्कि उनके भविष्य को एक स्पष्ट दिशा भी प्रदान करेगा। जीतो विजयनगरम की अध्यक्षा ज्योति बच्छावत ने मुनिश्री का आभार व्यक्त किया व इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण 'टर्निंग पॉइंट' बनेगी।