तेरापंथ-मेरा पंथ कार्यशाला का भव्य आयोजन

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हासन।

तेरापंथ-मेरा पंथ कार्यशाला का भव्य आयोजन

स्थानीय तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी पुण्ययशाजी ठाणा 4 के पावन सान्निध्य में पूज्य गुरुदेव के जन्मोत्सव व पट्टोत्सव कार्यक्रम के साथ ही तेरापंथ - मेरा पंथ कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। साध्वी जी द्वारा नवकार महामंत्र के मंगलाचरण के पश्चात तेरापंथ सभा के द्वारा सभा गीत हमारे भाग्य बड़े बलवान का संगान किया गया, सभाध्यक्ष सोहनलाल तातेड़ द्वारा सभी का स्वागत किया गया। साध्वी पुण्ययशाजी ने कहा कि आचार्य श्री भिक्षु के सिद्धांतों को सही रूप से समझने की दिशा में इस तरह की ज्ञानवर्धक कार्यशालाओं के आयोजन को समय की जरूरत और परिणाम जनक बताया।
तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के उपलक्ष में संस्था शिरोमणी तेरापंथ महासभा के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला में स्वामीजी के सिद्धांतों को सही रूप में अपनाकर इस पथ को मेरा पंथ बनाया जा सकता है अध्यात्म को सम्यक रूप में समझ कर जीवन में अपनाना है तो इन सिद्धांतों को समझ कर उनके अनुसार चलना होगा। साध्वी विनितयशाजी, साध्वी वर्धमानयशाजी एवं साध्वी बोधिप्रभाजी ने भी तेरापंथ का उद्भव, स्वामीजी की साधना तथा तेरापंथ की मर्यादाओं पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में बैंगलोर से पधारे मुख्य प्रशिक्षक प्रवक्ता उपासक महेंद्रकुमार दक द्वारा विस्तृत रूप से दान,दया, धर्म, पुण्य, हृदय परिवर्तन, मूर्ति पूजा आदि विषयों पर भिक्षु स्वामी के सिद्धांतों की सम्यक् व्याख्या की गई एवं इस बारे में प्राप्त सभी की जिज्ञासा का समाधान किया गया। आभार ज्ञापन हासन सभा मंत्री विमल कोठारी द्वारा किया गया।