गुरुवाणी/ केन्द्र
साधुता ही सबसे बड़ी संपदा, मन को जीतना ही असली साम्राज्य : आचार्यश्री महाश्रमण
जैन विश्व भारती का परिसर आज उस समय विशेष आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा जब तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण जी का 53वां दीक्षा दिवस (युवा दिवस) और नवम् साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभा जी का 5वां चयन दिवस एक साथ मनाया गया। इस दोहरे मांगलिक प्रसंग पर सुधर्मा सभा में चतुर्विध धर्मसंघ की विशाल उपस्थिति रही।
साधुत्व : करोड़ों में मिलने वाला दुर्लभ अवसर : मुख्य प्रवचन कार्यक्रम के दौरान 'युवा दिवस' पर विशेष संबोधन देते हुए आचार्यश्री ने अपने दीक्षा प्रसंग को याद किया। पूज्य प्रवर ने फरमाया, 'आज से 52 वर्ष पूर्व बैसाख शुक्ला चतुर्दशी को सरदारशहर की धरा पर मुझे मुनि सुमेरमल जी स्वामी 'लाडनूं' के हाथों साधु दीक्षा प्राप्त हुई थी। करोड़ों गृहस्थों में से किसी विरले को ही साधुत्व का यह दुर्लभ अवसर मिलता है। भौतिक संपदा वाले सम्राट हो सकते हैं, लेकिन सच्चा सम्राट वही है जिसने मन को वश में कर लिया और धर्म को जीवन में उतार लिया।'
अनुशासन पर्व: सजगता ही साधुता है : 'कैसे करें यौवन का उपयोग' विषय पर प्रेरणा देते हुए आचार्य प्रवर ने साधु चर्या के प्रति पूर्ण जागरूकता का आह्वान किया। पूज्य प्रवर ने पांच महाव्रत, पांच समिति और तीन गुप्तियों की सम्यक आराधना को ही वास्तविक साधुपन बताया। पूज्य प्रवर ने फरमाया कि चलते, उठते-बैठते और गोचरी करते समय साधु को पूर्ण सावधान रहना चाहिए ताकि महाव्रतों में कोई दोष न लगे।
साध्वी प्रमुखा की सेवाओं की सराहना : साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभा जी के चयन दिवस पर आचार्यश्री ने उनके समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व में नियोजिका और मुख्य नियोजिका के रूप में उनकी लंबी सेवाएं उन्हें परिपक्व बनाती हैं। महाप्रज्ञ वाङ्मय के संपादन और आगम कार्यों में उनके योगदान को अनुकरणीय बताते हुए आचार्यश्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और उत्कृष्ट साधना का आशीर्वाद प्रदान किया।
गुरु की दृष्टि और शिष्य का सौभाग्य:
इस अवसर पर साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभा जी ने भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। उन्होंने कहा, 'तेरापंथ धर्मसंघ में जो शिष्य गुरु की दृष्टि के अनुसार कार्य करता है और जिस पर गुरु का वरदहस्त होता है, उसे पूरी दुनिया अपने हाथों पर उठा लेती है। मेरी प्रार्थना है कि मैं इसी प्रकार धर्मसंघ की सेवा करती रहूं।'
कार्यक्रम में अन्य प्रस्तुति झलकियां:
लोकार्पण : डॉ. संगीता बैद की पुस्तक ‘रिफ्लेक्ट एंड राइज’ का आचार्यश्री के कर-कमलों द्वारा विमोचन किया गया।
युवा शक्ति : अभातेयुप अध्यक्ष पवन मांडोत और महामंत्री सौरभ पटावरी ने श्रद्धाभिव्यक्ति दी एवं ABTYP पदाधिकारियों ने तेरापंथ टाइम्स का युवा दिवस विशेषांक पूज्य प्रवर को भेंट किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति : अहमदाबाद युवक परिषद् के सदस्यों ने संगीतमय
प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।