युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65वें जन्मोत्सव, 17वें पट्टोत्सव एवं 53वें दीक्षा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

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टिटलागढ़

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65वें जन्मोत्सव, 17वें पट्टोत्सव एवं 53वें दीक्षा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

मुनि हिमांशु कुमार जी एवं मुनि हेमंत कुमार जी के पावन सानिध्य में भगवान महावीर स्वामी जी का केवलज्ञान कल्याणक दिवस के साथ-साथ आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65 वां जन्मोत्सव एवं 17वां पाटोसब दिवस मनाया गया।महिला मंडल के मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई । स्थानीय सभा अध्यक्ष गौतम जैन नें पूज्य प्रवर के प्रति अपनी भावों की अभिव्यक्ति दी । मुनि हिमांशु कुमार जी ने अपने उद्बोधन में फरमाया कि भगवान महावीर एवं आचार्य श्री महाश्रमण जी के जीवन में कई समानताएं हैं । आचार्य प्रवर का भी प्रभु के जैसे हृदय दया और करुणा का सागर है ,पूज्य गुरुदेव परिश्रम शिल है एवं संकल्प के पक्के हैं। मुनि हेमंत कुमार जी ने भगवान महावीर के केवल ज्ञान दिवस पर हुई आश्चर्यजनक चकित घटना का उल्लेख किया एवं तेरापंथ धर्म संघ में एक समय में एक आचार्य के शासन का उल्लेख किया।